अल्पविराम कार्यक्रम व्यक्ति को चेतना से जोड़ने का सशक्त जरिया है : कमिश्नर श्री दुबे 

प्रेषक का नाम :- मास्टर ट्रेनर लखन लाल असाटी
स्‍थल :- Chhatarpur
17 Sep, 2018

सागर कमिश्नर श्री मनोहर दुबे ने कहा है कि अल्पविराम व्यक्ति को चेतना से जोड़ने का सशक्त जरिया है। व्यस्त दिनचर्या से कुछ समय निकालकर चिंतन करने की आवश्यकता है। अपने तरीके से मैन्युअल बनाकर कार्य करने से हर एक व्यक्ति का जीवन आनंदमय हो जाता है। 
श्री दुबे ने यह बात नौगांव में चल रहे अल्पविराम कार्यक्रम के डेढ़ दिवसीय संभागीय प्रशिक्षण सत्र के समापन अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों को सम्बोधित करते हुए कही। 
उन्होंने कहा कि व्यक्ति को परमार्थ से जोड़ने के लिए यह प्रशिक्षण उपयोगी साबित होगा। अल्पविराम प्रशिक्षण से मिली सीख को उन्होंने जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अपनाने का आव्हान किया। 
इस अवसर पर कलेक्टर श्री रमेश भण्डारी ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि किसी को खुशी देकर उसके जीवन में मुस्कुराहट लाना अल्पविराम का सही उद्देश्य है। उन्होंने प्रतिभागियों को स्वर्ग की परिकल्पना के बारे में उदाहरण देकर बताया और शुभकामनाएं दीं। प्रदीप सेन सहित अन्य प्रतिभागियों ने अल्पविराम से अपने जीवन में आए परिवर्तन के बारे में बताया। 
कार्यक्रम की शुरूआत श्मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊं गीत के साथ की गई। आनंदक श्री लखन लाल असाटी ने कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में बताते हुए कहा कि छतरपुर जिले में 20 मार्च 2017 को अल्पविराम की शुरूआत की गई थी। जनपद पंचायत स्तर पर पहली बार सागर जिले के रहली और नौगांव में अल्पविराम का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि छतरपुर, नौगांव, बिजावर और खजुराहो में आनंदम केन्द्र के साथ-साथ 16 आनंद क्लबों का संचालन किया जा रहा है। 
 
। इस अवसर पर कलेक्टर श्री रमेश भण्डारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। 
 
 
 
 
 
 

 
 
 
 
 
 
 

 


फोटो :-

   

डाक्‍यूमेंट :-

Document - 1