सागर जिले के रहली जनपद पंचायत के 30 ग्राम पंचायतों में आनंद विभाग का अल्पविराम कार्यक्रम अनवरत 14 अगस्त तक जारी

प्रेषक का नाम :- RAS
स्‍थल :- Bhopal
07 Aug, 2018

राज्य आनंद संस्थान द्वारा सागर जिले की रहली जनपद पंचायत के 30 ग्राम पंचायतों में आनंद विभाग का अल्पविराम कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, 27 जुलाई से प्रारंभ में यह कार्यक्रम अनवरत 14 अगस्त तक जारी रहेगा.
राज्य आनंद संस्थान ने 15-15 ग्राम पंचायतों का समूह बनाकर आनंद विभाग से प्रशिक्षकों के दो दल यहां भेजे हुए हैं, जो गांव- गांव जाकर लोगों के बीच अल्पविराम कार्यक्रम अर्थात स्वयं से मुलाकात का प्रशिक्षणदे रहे हैं, गढ़ाकोटा क्षेत्र में इस कार्यक्रम को संचालित करने में मास्टर ट्रेनर लखनलाल असाटी एवं अनिल कांबले राज्य आनंद संस्थान से प्रदीप महतो ग्राम परी जिला सतारा महाराष्ट्र से दीपक जाधव, झारखंड से अनुपम महतों, छतरपुर से वालंटियर प्रदीप सेन एवं पंकज शर्मा तथा महाराष्ट्र से किरण कडंबे शामिल हैं. 
राज्य आनंद संस्थान से डायरेक्टर डॉ अशोक जनवदे एवं श्री सत्यप्रकाश आर्य भी ग्राम पंचायत झूड़ा एवं ग्राम पंचायत हरदी के प्रशिक्षण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए इस दल द्वारा ग्राम पंचायत परासिया, ग्राम पंचायत चनौआ बुजुर्ग, ग्राम पंचायत बरखेड़ा गौतम, ग्राम पड़क्वार, ग्राम पंचायत संजरा, ग्राम पंचायत झूड़ा तथा ग्राम पंचायत हरदी में अब तक अल्पविराम प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न कराया गया है, ग्राम पंचायत कार्यालय में प्रार्थना, प्रेरणादायक गीतों, दिल को छू लेने वाली छोटी-छोटी वीडियो क्लिप, छोटे छोटे नाटक, और स्वयं में  बदलाव की कहानी के साथ प्रभावी ढंग से लोगों को खुद में झांकने के लिए तत्पर किया गया,
जब प्रशिक्षकों ने अपने खुद में सुधार की बातें बताईं और उसके परिणाम स्वरुप उनके परिवार में आई खुशहाली को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया, तो लोगों को अंदर तक प्रेरणा प्राप्त हुई, इस दल ने स्कूलों में भी खुद से मुलाकात कार्यक्रम को जारी रखा हुआ है,  दल के सदस्य एक- एक कक्षा में पहुंच कर विद्यार्थियों को शांत समय में अपनी जिज्ञासाओं के समाधान के लिए प्रेरित कर रहे हैं, और उन्हें इंद्रियों अथवा मन से संचालित होने के स्थान पर बुद्धि और चेतना से प्रेरणा लेने का अभ्यास करा रहे हैं, विद्यार्थियों को सदैव जागरुक रहने और सही-सही रिस्पांस करने पर भी चर्चा की गई, उन्हें बताया गया सबसे खतरनाक शेर और चीता नहीं बल्कि हमारे आसपास की मक्खी और मच्छर हैं जिनसे मानव जीवन को सबसे ज्यादा खतरा है,
गांव की चौपालों पर धूम्रपान करते और ताश खेल कर मनोरंजन कर रहे बच्चों बूढ़ों और जवानों को विश्वास में लेकर चौपाल पर ही आनंद विभाग की आनंददाई गतिविधियों को सभी की सहभागिता से संचालित किया गया और फिर उन्हें अल्पविराम कार्यक्रम में आने हेतु न्योता दिया गया, पूरी टीम ने गांव की गलियों में भ्रमण कर लोगों में आनंद बांटने की कोशिश की किसी को गले लगाया, किसी को नमस्कार किया, तो किसी की समस्याओं के बारे में जानकारी लेकर उनके लिए प्रार्थना की, प्रशिक्षण कार्यक्रमों में लोगों ने भी अपने दिलों की बातें शेयर की, किसी ने कहा वह बहुत नशा करते हैं जिस कारण उनका परिवार परेशान हैं और अब वह इस बुराई को त्याग कर ही रहेंगे, विद्यार्थियों ने कहा कि वह अपने मां-बाप की बात नहीं मानते तो किसी ने कहा कि वह खुद मेहनत करने की जगह दूसरों से जलन रखते हैं, हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य ने कहा कि इस कार्यक्रम से उन्हें शिक्षकों तथा छात्रों को  बहुत प्रेरणा मिली है, जो उनके स्कूल का परीक्षा परिणाम  सुधारने में मदद करेगा.
एक व्यक्ति ने कहा वह बहुत अधिक स्वार्थी है अब वह दूसरों का सहयोग करेगा, लोगों ने कहा कि उनके अंदर बहुत सारी बुराइयां हैं जिन्हें वह है आज सार्वजनिक रूप से भले स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं पर वह मन ही मन संकल्प ले चुके हैं तो उन्हें वह दूर करेंगे कुछ लोगों ने अपने पारिवारिक रिश्ते को सुधारने की बात कही तो कुछ नहीं आनंद विभाग से जुड़कर इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में अपने सहयोग की बात की अब तक के अनुभव में ग्राम पंचायतों में जो लोग भी इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं उन्हें यह अत्यंत प्रेरणादाई लगता है.