उज्जैन कलेक्टर कार्यालय के अधिकारी कर्मचारियों के लिए आनंद कार्यशाला सम्पन्न

प्रेषक का नाम :- शैलेन्द्र सिंह डाबी, उज्जैन जिला मास्टर ट्रेनर प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रभारी, उज्जैन तारामंडल
स्‍थल :- Ujjain

म.प्र. के आनंद मंत्रालय द्वारा प्रदेश के सभी जिलों के शासकीय कार्यालयों में अधिकारी कर्मचारियों के लिए आयोजित की जा रही अल्पविराम कार्यक्रम के अंतर्गत उज्जैन जिला आनंद विभाग द्वारा कलेक्टर कार्यालय के अधिकारी कर्मचारियों के लिए आनंद कार्यशाला दिनाक 14 जून 2018 को बृहस्पति भवन में आयोजित की गई! कार्यक्रम की शुरुआत आनंद विभाग और उज्जैन आनंद टीम के परिचय से किया गया! कार्यशाला में डॉ राजेंद्र प्रकाश गुप्त, अधीक्षक जंतर मंतर उज्जैन ने आनंद में रहने और लोगो को आनंदित करने में कौन-कौन से कारक होते है और वो किस तरह से आनंद में बाधा बनते है के बारे में अपने जीवन के अनुभवो को ग्लासपोट से विभिन्न समग्रियो को निकलकर बहुत प्रभावशाली तरीके के सामान्य भाषा में प्रदान की गई! शैलेन्द्र सिंह डाबी, प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रभारी, तारामंडल व जिला आनंद मास्टर ट्रेनर-उज्जैन ने आनंद विभाग की शासकीय/अशासकीय अधिकारियो/कर्मचारियों के लिए अल्पविराम गतिविधि का परिचय विस्तार से प्रदान किया, श्री डाबी जी ने सभी का मार्गदर्शन करते हुए कहा की शासकीय कार्यालयों में अधिकारी कर्मचारी अगर दैनिक कार्यो के तनाव के दूर रहकर अपनी पूरी शक्ति से कार्य करते हुए हमेशा आनंदित रहना हो तो जीनवशैली में अल्पविराम को जरूर आपनए! वास्तव में अगर हमे मानव जीवन का सही आनंद दैनिक सारी जिम्मेदारियों को निभाते हुए ही लेने है तो प्रतिदिन अल्पविराम कर आप खुद के साथ रहे आपने अंतर् मान और आत्मा की आवाज सुन कर आपने जीवन जिए! कोई भी समस्या और दुविधा हो तो अपने आत्मा की आवाज के उसका निदान और रास्ता पूछे वहाँ से पक्का रास्ता और सही रास्ता जरूर प्राप्त होगा! इस के अभ्यास के लिए श्री डाबी जी ने अपनी मार्मिक आप बीती कहानी के उदाहरण से विस्तार से बताया! श्री डाबी जी ने सभी प्रतिभागियों से १० मिनिट्स का अल्पविराम अपनी खुद की एक अच्छी आदत जिससे हम हर जगह पहचाने जाते है और एक ऐसी अपनी आदत जो हम बदलना चाहते है पर बदल नहीं पाए और क्यों बदल नहीं पाए उसका समाधान के लिए अल्पविराम लिया! १० मिनिट्स अल्पविराम के बाद आपने अनुभव शेयर करने के लिए चर्चा की! आनंद कर्यशाला में कार्यालय और उनके अधिकारी कर्मचारी का व्वहार और कार्य करने की सामान्य गतिविधियों के बारे में विस्तृत चर्चा की गई! अधिकारी कर्मचारी और कार्यालयीन टीम के नकारात्मक और सकारात्मक रवये और मानवीय और आपसी व्वहार का कार्यालय के कामो में पड़ने वाला प्रभाव को बहुत ही गंभीरता से बताया साथ ही उन्होंने ताली बजवाकर कार्यालयीन में आपसी सामंजस्य स्थापित करने से कैसे अच्छे और सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो के बारे में समान और लयबद्ध ताल बजवाकर बताया! सभी प्रतिभागियों से आनंदित रहने के लिए स्वस्थ शरीर की निरंतरता बहुत ही सरल रूप में बताया साथ ही मनोरंजक और रोचक वार्तालाब से आनंदित किया! श्री डाबी जी ने रोचक खेलो से अल्पविराम और अल्पविराम से प्राप्त प्रेरणा और ऊर्जा का जीवन में खुश रहने के लिए कैसे किया जाये इसको बहुत अच्छे से समझाया गया! डॉ हरीसिंह कुशवाह प्राध्यापक माधव कला महाविद्यालय ने जीवन की बेलेंसशीट भी सभी प्रतिभागियों से बनवाई की हमने आपने जीवन में किन किन लोगो की मदद पाई और आज तक हम किन किन लोगो की मदद कर पाए है! डॉ स्वामीनाथ पांडये प्राध्यापक एवं आनंदक ने ने जीवन के महत्वपूर्ण कार्यकलापों एवं दैनिक दिनचर्या में कैसे आनंदित रहे को रोचक कहानियो में माध्यम से बताया!  उपरोक्त आनंद कार्यक्रम में श्री शैलेन्द्र सिंह डाबी, प्रदान वैज्ञानिक एवं प्रभारी उज्जैन तारामंडल, डॉ राजेंद्र प्रकाश गुप्त, अधीक्षक जंतर मंतर उज्जैन, डॉ हरीसिंह कुशवाह प्राध्यापक माधव कला महाविद्यालय एवं आनंदक ट्रेनर डॉ. स्वामीनाथ पांडेय ने सभी का मार्गदर्शन करते हुए आनंद कार्यशाला सम्पन्न की गई! कार्यशाला में उज्जैन कलेक्टर कार्यालय के लगभग 34 अधिकारी कर्मचारियों ने भाग लिया! कार्यशाला का समन्वय जिला पंचायत द्वारा श्री नरेंद्र नागर अधीक्षक कलेक्टर कार्यालय उज्जैन के मार्गदर्शन में सम्पन्न की गई!


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