बच्चों के आने से आनंदम्( दुआओं का घर) हुआ आनंदमय

प्रेषक का नाम :- जिला प्रशासन /डाँ. संतोष शुक्ला सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य वि.मंड़ला एवं नोडल अधिकारी/
स्‍थल :- Mandla


आनंदम् ( दुआओं का घर) मंड़ला में रिक्सा,आटो चालक/ खेतिहर मजदूर और अन्य वर्गों के लोग जरूरत का सामान लेने के लिये आते हैं दुआओं का घर से इन्हें पहनने के कपड़े के अतिरिक्त गद्दे,तकिया,चादर,कंबल भी मिलते रहते हैं जिससे इस वर्ग के लोगों में यह आशा जाग्रत हो चुकी है कि किसी भी सामान की जरूरत है तो आनंदम् ( दुआओं का घर ) से ले आओ। और इसी उम्मीद के साथ लोग आनंदम् ( दुआओं का घर ) मंड़ला में आते रहते हैं।
इसी आशा के साथ के साथ महिलायें और छोटे-छोटे बच्चे भी उनके साथ में आते रहते हैं महिलाओं को खुद के लिये साड़ियाँ, ब्लाउज,चूडि़यों के साथ-साथ नाक/कान/गले/माथे में पहने जाने वाले श्रँगार के सामान और नन्हें-मुन्नें बच्चों को कपड़ो के अतिरिक्त खिलौनै ,मच्छरदानी भी मिल जाती है जिसे बड़े ही आनंद और श्रद्धा के साथ महिलायें भी ले जाती हैं।
आज ऐसे ही आशान्वित लोग ,जो शहर से 20/ किमी. दूर ग्राम-सिमरिया,विकासखंड़- नैनपुर, जिला-मंड़ला से आये थे इन्हीं लोगों के साथ नन्हैं- मुन्नै का आगमन आनंदम् ( दुआओं का घर ) मंड़ला में हुआ। जिनमें उम्र 1 वर्ष से कम है। उस वक्त आनंदम् में 0 साइज के कपड़े ( जिन्हैं एक बाक्स में रखते हैं) भी उपलब्ध थे। उनकी माताओं को बैठाकर पहले हाल-चाल पूछा फिर यह भी जाना कि कौन लड़का कौन लड़की जैसे छोटे-छोटे नये कपड़े बच्चों के लिये दिये तो इनकी माताऐं प्रशन्नता से उछल पड़ी और कहा इनकी सारी थकान मिट चुकी है। इनकी प्रशन्नता और आनंद को देखकर आनंदम् ( दुआओं का घर ) मैं आये सभी लोग भी आनंदित हुये। उस समय पूरा आनंदम् आनंदमय हो गया।

 

 


फोटो :-