आनंद मेला तृतीय दिवस:-विशेष बच्चों ने अपने विचारों की अभिव्यक्ति कागज पर उकेरी ,दंगल प्रतियोगिता का आयोजन

प्रेषक का नाम :- Vijay mewada(Aanandam Sahyogi)INDORE
स्‍थल :- Indore

*Colour of silence*
उनके पास शब्द नहीं थे लेकिन भाव थे चाह थी समाज में बदलाव की, कोई शब्द नहीं,कोई आवाज नहीं,लेकिन अपने हाव भाव से उन्होंने अपने विचारों और अभिव्यक्ति को ड्रॉइंग शीट पर उकेरा आनंद मेले के अन्तर्गत मूक बघिर दिव्यांगों को "एक आदर्श समाज की संकल्पना" विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन सामाजिक न्याय एवं आनंद विभाग के निर्देशन में यशवंत क्लब में किया गया जिसे *कलर ऑफ़ साइलेंस*का नाम दिया गया बच्चों में अपनी कल्पना शक्ति द्वारा समाज में आपेक्षित बदलाव को कागज पर उकेरा।
2.आनंद मेले के अंतिम दिन किसान भाइयों के लिए कृषिसंगोष्टि का आयोजन किया गया।जिसमे ग्रामीण क्षेत्रों से आये लोगो ने आनंद विभाग द्वारा जनवरी 2017में आयोजित आनंद उत्सव के अनुभवों एवम प्रतिक्रिया को साझा किया
3 दंगल:-पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दंगल का आयोजन किया गया।महिला और पुरुष वर्ग के पहलवानो ने अपने दाव पेंच आजमाए। अंत में आनंद विभाग की और से जिले से विभिन्न खेलों में उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने वाले एवम एकलव्य एवम अर्जुन अवार्ड हेतु नामांकित खिलाडियों को ओलम्पिक रेसलिंग खिलाडी श्री पप्पू शर्मा,आनंदम सहयोगी विजय मेवाड़ा,श्री अक्षय सिंह राठौर आदि द्वारा पुरस्कृत किया गया।


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