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छोटी-छोटी गलतियों के लिए माफ कर देने और छोटे-छोटे त्याग कर देने से ही पारिवारिक रिश्ते विश्वसनीय और मजबूत बने रह सकते हैं

प्रेषक का नाम :- आनंदम सहयोगी लखनलाल असाटी छतरपुर
स्‍थल :- Chhatarpur
25 Sep, 2017

पारिवारिक रिश्तों पर लिया अल्पविराम और कहा कि क्षमा कर देने पर ही मजबूत रहते हैं रिश्ते
छतरपुर। जिला पंचायत परिसर में स्थित ई दक्षता केन्द्र में गुरूवार 21 सितम्बर को 25 शिक्षकों ने अल्पविराम कार्यक्रम के प्रशिक्षण सत्र में सम्मलित रह कर पारिवारिक रिश्तों की मजबूती के लिए अल्पविराम लिया और 20 मिनिट मौन रहकर अपनी अंतरआत्मा से कई सवाल किए।
आनंदम सहयोगी लखनलाल असाटी ने गुब्बारे फिल्म की वीडियो क्लिप दिखाने के बाद उनसे 20 मिनिट मौन रहकर आत्मा की आवाज सुनने का अभ्यास कराया। जिसके बाद सालिकराम शुक्ला, रेखा सिंह मानव, श्रीमती मीणा सक्सेना, दिनेश प्रजापति, ओमप्रकाश घोष, रणविजय सिंह सेंगर आदि ने अपने अनुभवों को साझा किया। अपने परिवार में माता-पिता, भाई-बहन, ननद-भाभी, सास-ससुर से सबंधों को लेकर लोगों ने अपने-अपने अनुभव सुनाए और कई सवाल भी किए। जिनका जबाव भी प्रशिक्षण में सम्मलित अन्य सहभागियो द्वारा दिया गया। लोगों ने रामायण और महाभारत के पात्रों का उदाहरण पेश कर पारिवारिक रिश्तों की वस्तुस्थिति को प्रगट किया। अंत में निष्कर्ष यही आया कि छोटी-छोटी गलतियों के लिए माफ कर देने और छोटे-छोटे त्याग कर देने से ही पारिवारिक रिश्ते विश्वसनीय और मजबूत बने रह सकते हैं। सभी प्रतिभागियों ने कहा कि आज नवरात्रि का पहला दिन है और वह प्रयास करेंगे कि नियमित रूप से आत्मा की आवाज सुनने का अपने घर में अभ्यास करेंगे।


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