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माँ सिलाई का काम करती, पापा बेरोज़गार कैसे देखता आईआईटी की तैयारी करने का सपना सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता – संभागायुक्त श्री रूपला

प्रेषक का नाम :- शिवराज सिंह एडीएम/ डॉ सत्यप्रकाश शर्मा, आनन्दम सहयोगी, ग्वालियर
स्‍थल :- Gwalior
22 Aug, 2017

माँ सिलाई का काम करती, पापा बेरोज़गार कैसे देखता आईआईटी की तैयारी करने का सपना

सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता – संभागायुक्त श्री रूपला

शिवराज सिंह एडीएम/ डॉ सत्यप्रकाश शर्मा, आनन्दम सहयोगी, ग्वालियर

ग्वालियर । मेरी माँ घर पर ही सिलाई का काम करती है और पापा बरसों से बेरोज़गार हैं घर की आर्थिक हालत ऐसी नहीं की किसी कोचिंग में आईआईटी-जेईई की तैयारी कर सकूँ लेकिन भगवान का लाख लाख शुक्र है कि नए खुले आनंद विभाग की पहल पर शिखर जैसी स्तरीय कोचिंग में निःशुल्क पढ़ कर एंजिनीयर बनने के सपने को साकार करने का मौक़ा मिला है यह कहना शासकीय एक्सेलेन्स स्कूल मुरार में कक्षा ११ में अध्यनरत छात्र रिपुदमन प्रजापति का जिसे शिखर आनन्दम बैच में प्रवेश मिला है। ऐसे ही २१ छात्र-छात्रायें अब शिखर जैसी कोचिंग में जिसके ७० प्रतिशत स्टूडेंट्स हर वर्ष आईआईटी में सलेक्ट होते हैं ।
'शिखर-आनन्दम बैच फ़ोर आईआईटी-जेईई' का शुभारम्भ १८ अगस्त शुक्रवार को जिवाजी विश्वविद्यालय के गालव सभागार में संभागआयुक्त श्री एस एन रूपला के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ । कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक डॉ आशीष एडीएम एवं आनंद विभाग के नोडल ऑफ़िसर श्री शिवराज सिंह, अपर कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान, आनन्दम सहयोगी डॉ सत्यप्रकाश शर्मा, शिखर क्लैसेज़ के प्रबंध संचालक श्री कमलेश कुरमी एवं महेश कुरमी तथा आनन्दम बैच के सभी २१ बच्चे व उनके मातापिता, कोचिंग के अन्य बच्चे व आनंदक उपस्थित थे ।

सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। हर महान आदमी की सफलतता के पीछे कड़ी मेहनत छुपी होती है। उक्त आशय के विचार संभाग आयुक्त श्री एस एन रूपला ने इस शुभारम्भ अबसर पर मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए। श्री रूपला “आनंदम शिखर बैच” के शुभारंभ कार्यक्रम में मौजूद बच्चों एवं अन्य प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के होनहार बच्चों को नि:शुल्क आईआईटी-जेईई की तैयारी कराने के लिये जिले के आनंदम विभाग एवं शहर की प्रतिष्ठित कोचिंग “शिखर क्लासेज" की संयुक्त भागीदारी से “आनंदम शिखर बैच” शुरू किया गया है ।
संभाग आयुक्त श्री एस एन रूपला ने बच्चों का आहवान किया कि लक्ष्य के प्रति समर्पण और कड़ी मेहनत के आगे परिस्थितियां व साधनों की कमी कोई मायने नहीं रखती। कमियां ही हमारे लिए लक्ष्य बनाती हैं और हमें आगे बढ़ने की चुनौती देती हैं। उन्होंने शिखर आनंदम बैच में चयनित विद्यार्थियों को बधाई दी और कहा कि वे मेहनत से अपने लक्ष्य को प्राप्त करें। श्री रूपला ने आनंद विभाग द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिये की गई इस पहल की सराहना की।
​पुलिस अधीक्षक डॉ. आशीष ने बच्चों का आहवान किया कि अपने आत्मविश्वास को सदैव ऊँचा रखें और कभी भी हताश न हों। साथ ही अपनी कमियों को चुनौती के रूप में लेकर आगे बढ़ेंगे, तो सफलता अवश्य मिलेगी। उन्होंने कहा आप सब समाज के लिये रोल मॉडल हैं। आप सब में योग्यता की कोई कमी नहीं है, जरूरत आगे बढ़ने के जज्बे की है।
​अपर कलेक्टर एवं आनंद विभाग के नोडल अधिकारी श्री शिवराज सिंह ने कहा कि ग्वालियर जिले में आनंद विभागों की गतिविधियों के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिये यह बैच शुरू किया गया है। उन्होंने कहा शहर में शिक्षा की गुणवत्ता के सुधार के लिये भी 60 आनंद क्लास चलाई जा रही हैं। उन्होंने अपने जीवन के अनुभव भी सुनाए ।
​अपर कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान ने आनंदम शिखर बैच के लिये चयनित विद्यार्थियों से कहा कि उन्हें प्रतिष्ठित कोचिंग में पढ़ने का जो मौका मिला है, उसका भरपूर लाभ उठायें। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप ग्वालियर जिले में आनंद विभाग की पहल पर यह कोचिंग क्लास शुरू हुई है।

​शिखर कोचिंग के प्रमुख फैकल्टी मेम्बर श्री महेश कुर्मी ने बच्चों का आहवान किया कि वे सदैव सकारात्मक सोच रखें और लक्ष्य को सामने रखकर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा जो भी अवसर मिलें उनका लाभ उठायें। श्री कुर्मी ने विभिन्न सफल व्यक्तियों की सफलता के उदाहरण भी दिए।

जिले के आनन्दम सहयोगी डॉ सत्यप्रकाश शर्मा ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि ख़ुशी का पासवर्ड गिविंग है अर्थात देना जो देने में आनंद है वह लेने में नहीं यह बात उन्होंने एक कहानी के माध्यम से स्पष्ट की साथ ही उन्होंने राज्य आनंद संस्थान द्वारा संचालित गतिविधियों के बारे में भी लोगों को बताया
​आरंभ में अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के समापन सत्र में आनंदम शिखर बैच के सभी बच्चों को प्रवेश पत्र व किट प्रदान की गई। मालूम हो आनंदम शिखर बैच के लिये पिछले हफ्ते प्रवेश परीक्षा ली गई थी, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों ने हिस्सा लिया था। इस टेस्ट में सफल हुए 21 होनहार बच्चों को आनंदम शिखर बैच में नि:शुल्क पढ़ने का मौका मिला है।


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