उज्जैन में नेकी की दिवार बनी निस्वार्थ भाव से मदद कर "परम आनंद" प्राप्ति स्थल

प्रेषक का नाम :- शैलेन्द्र सिंह डाबी, आनंद सहयोगी वं मास्टर ट्रेनर (Shailendra Singh Dabi, Principal Scientist)
स्‍थल :- Ujjain
17 Aug, 2017

निस्वार्थ भाव से सहायता "आनंद" का परम स्त्रोत:- 

प्रदेश के ऊर्जा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन जी ने अपनी अनुपयोगी घरेलु और निजी सामग्रियों का निःस्वार्थभाव से सहायता करने का आनंद उज्जैन के चामुंडा चौराह पर बनी नेकी की दिवार पर प्राप्त किया ! प्रदेश के आनंद विभाग द्वारा चलाये जा रहे कार्यक्रम के तहत रविवार को "उज्जैन आनंद क्लब" द्वारा अनुपयोगी सामग्री दान देने के मुहीम के अंतर्गत श्री पारस जैन ऊर्जा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री, उज्जैन की प्रथम नागरिक महापौर श्रीमती मीना जोनवाल, श्री सोनू गहलोत अध्यक्ष्य उज्जैन नगर निगम जिला कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे, जिले के आनंद विभाग के अधिकारी श्री संदीप जी. आर. एवं श्री परमानंद डाबरे एवं जिले के आनंद सहयोगी एवं मास्टर ट्रेनर श्री शैलेन्द्र सिंह डाबी, श्री स्वामी मुस्कराके श्री शैलेन्द्र व्यास, श्री राजेंद्र गुप्त, एवं लायन क्लब उज्जैन श्रिप्रा एवं श्री माँ छत्रेश्वरी चामुंडा माता मंदिर भक्त समिति के सदस्यगण एवं जिले के आनंदक और वरिष्ठ जनो भी प्रतिभागी बने ! मंत्री महोदय ने आपने निजी कपड़े एवं सामग्री का निस्वार्थ भाव से आनंदम स्थल को अर्पण करने से प्राप्त आनंद के बारे में कहा की यही वो परम आनंद है जिसको हर कोई पाना चाहता है वास्तव में इसको शब्दों में बया करना मुश्किल के ये अनुभव करने का विषय है ! आज उज्जैन आनंद क्लब के द्वारा श्री शैलेन्द्र सिंह डाबी के नेतृत्व में जो अनुभूत प्राप्त हुई वो अद्भुत और आनंदायक है ! सभी जनो से इस नेको की दिवार के मध्यम से अनुरोध करता हु की मेरे प्रदेश और जिले के सभी महनुभव इसका आनंद और सुख जरूर प्राप्त करे, श्रीमती मीना जोनवाल, महापौर ने उज्जैन में और भी आनंद स्थल यानी नेकी की दिवार को शुरू कर व्वस्थित रूप में निरंतर चलती रहे और जो भी वो इसके लिए कर पाए वह उनका सौभाग्य और पुण्य होगा, श्री संकेत भोंडवे उज्जैन कलेक्टर ने बहुत प्रसन्ता और उत्साह के साथ अर्पण स्थल की पहल के पीछे की अच्छाई की सोच के बारे में बताते हुये आपने अनुभव बताये ! निस्वार्थ भाव से उनके सेवा काल में किये गए कार्यों से ही उनको आनद आज भी याद करने से मिलता है जैसे की दिव्यांगों के लिए की गई पहल एक नई ऊर्जा देती है आदि कई बाते आज भी उन्हें प्रेरित करती है ! श्री सोनू गहलोत जी ने शहर में और भी इसे स्थलों को विकसित करने पूर्ण सहयोग देने के बारे में बताया ! भारतीय संस्कृति में आनंद का सर्वोपरि स्थान है और इसका संबंध वस्तुओं से नही, मन और आत्मा है। सग्रह की अपेक्षा त्याग को आनंद का परम् स्रोत माना गया है। इसी कारण सामाजिक जीवन में दान को इतना महत्व दिया गया है। ऋषि दधिचि के दान आज भी स्मरण किये जाते है। इसी भाव को लेकर उज्जैन की माँ चामुंडा चौराहा पर नेकी की दिवार ‘‘आनंदम् स्थल" पर घरेलु एवं जानसामान्यो के काम आने वाली सामग्रियों के अर्पण कार्यक्रम में उपस्थित जन प्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, गणमान्य नागरिकों के साथ-साथ कई आम उदारमना नागरिकों ने जरूरतमंद लोगो के लिए सभी प्रकार की उपयोगी वस्तुओं का दान किया ! उज्जैन आनंद विभाग के अधिकारी श्री परमानंद डाबरे जी ने कहा की आगे बढ़कर त्याग करने का भाव हमारी संस्कृति का आधार है। उदाहरणत: घरों में कई बार ऐसा सामान होता है जिसकी आवश्यकता नहीं होती। ऐसे सामान को किसी जरूरतमंद तक पहुंचाने की पहल आनंद विभाग द्वारा पुरे प्रदेश में की जा रही है ! इसके अंतर्गत ऐसा घरेलू सामान, जिसकी आवश्यकता न हो, उसे व्यक्ति एक निश्चित स्थल पर रख दे तथा जिसे जरूरत हो वह वहां से बिना किसी से पूछे ले जा सके। आनंदम की यह व्यवस्था समाज सेवी तथा जन प्रतिनिधियों के सहयोग से आरंभ है। इस कार्यक्रम का समन्वय श्री शैलेन्द्र सिंह डाबी ने किया सहयोग के लिए उज्जैन आनंद क्लब के सदस्य डॉ. विमल कुमार गर्ग ,श्रीमारी कीर्ति मिश्रा, श्री ब्रजराज, श्री देवेंद्र पांचाल, श्री स्वामी मुस्कराके श्री राजेंद्र गुप्त, श्री हरी सिंह कुशवाह, प्रियंका सोनी,मास्टर मयंक सिन्हा एवं श्री शिरीष शर्मा आदि एवं जिले के आनंदक उपस्थित रहे !


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