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प्रधान आरक्षकों ने बनाई खुद की केस डायरी, खात्मा के लिए प्रभु से की प्रार्थना

प्रेषक का नाम :- लखनलाल असाटी जिला संपर्क व्यक्ति छतरपुर
स्‍थल :- Chhatarpur
29 Nov, 2022

 छतरपुर। आनंद विभाग के अल्पविराम कार्यक्रम के तहत सोमवार को पुलिस कॉन्फ्रेंस हॉल में पदोन्नत प्रधान आरक्षकों ने खुद की केस डायरी लिखी और अंत में प्रकरण में खात्मा लगाने हेतु प्रभु से प्रार्थना भी की। राज्य आनंद संस्थान के मास्टर ट्रेनर लखन लाल असाटी, श्रीमती आशा असाटी, आनंदम सहयोगी रामकृपाल यादव, शिवनारायण पटेल एवं आनंदक राजकुमार पटेल ने अल्पविराम संपन्न कराया। केस डायरी के पहले पेज पर प्रधान आरक्षकों ने उन व्यक्तियों के नाम लिखे जिनसे उन्हें जीवन में नि:स्वार्थ मदद प्राप्त हुई थी। हनौता टीकमगढ़ निवासी रामकुमार पटैरिया ने बताया कि बचपन में गांव के दीनदयाल राय ने 300 रुपए की मदद की थी जिस कारण वह नौकरी ज्वाइन कर पाए। भोपाल में उनके आवास की व्यवस्था भान सिंह यादव ने की थी। कृष्णकुमार सिंह ने कहा कि वह शिक्षक अलोपीदीन शास्त्री तथा मित्र घनश्याम की मदद नहीं भूल सकते। नौकरी की ज्वाइनिंग के दिन घनश्याम ने कई किलोमीटर साईकिल चलाकर उन्हें रेल पकड़ाई थी। दूसरे पेज पर उन लोगों के नाम लिखने थे जिनकी मैंने नि:स्वार्थ भाव से मदद की थी। मुंशी प्रमोद शर्मा ने कहा कि उन्होंने सन 1998 में कैंसर पीडि़त को 10 हजा रुपए की मदद की थी, पर मृत्यु के पूर्व वह उनके नाम कुछ जमीन कर गई जिसकी आज कीमत 40 लाख रुपए है। दोनों पेजों की गिनती करने के बाद प्रतिभागियों ने कहा कि पहले पेज पर नाम अधिक हैं, जबकि दूसरा पेज ही उनके कंट्रोल में है अब वह दोनों पेज के नामों की संख्या को बराबर करेंगे। प्रधान आरक्षकों ने तीसरे पेज पर उन लोगों के नाम लिखे थे जिन्होंने ने उन्हें दु:ख पहुंचाया था। चौथे पेज पर उन व्यक्तियों के नाम लिखे गए जिन्हें जाने-अनजाने में प्रधान आरक्षकों ने दु:ख पहुंचाया था। रामश्री केवट, मथुरा प्रसाद अहिरवार, कृष्ण कुमार आदि ने अपने अनुभव साझा किए। प्रधान आरक्षकों ने कहा कि दूसरों से मिली मदद को याद कर उनके अंदर कृतज्ञता के भाव के साथ आनंद की अपार अनुभूति हुई है। वह दूसरों की मदद हेतु भी प्रेरित हुए हैं। हाथ पर किताब रखने की एक्सरसाईज के माध्यम से उनका मन के बोझ पर भी ध्यान गया कि इसे अधिक देर तक नहीं रखा जा सकता और उन्होंने कहा कि अब वह क्षमा मांगने और क्षमा करने की ओर अपने कदम बढ़ाने जा रहे हैं।   


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