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डिप्रेशन से उभारा, अब मन शांत कर अंतरात्मा से लेते हैं निर्देश

प्रेषक का नाम :- लखन लाल असाटी जिला संपर्क व्यक्ति छतरपुर
स्‍थल :- Chhatarpur
06 Feb, 2021

*डिप्रेशन से उभारा, अब मन शांत कर अंतरात्मा से लेते हैं निर्देश

**खुद की मदद करना सिखाता है अल्पविराम*

छतरपुर, राज्य आनंद संस्थान के पांच दिवसीय ऑनलाइन अल्पविराम कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने कहा कि इस कार्यक्रम ने उन्हें नया नजरिया दिया है| छतरपुर से मास्टर ट्रेनर एवं जिला संपर्क व्यक्ति लखनलाल असाटी के साथ भोपाल से जितेश श्रीवास्तव, जबलपुर से उपेंद्र यादव व दीप्ति ठाकुर तथा खंडवा से गणेश कनाडे, शिल्पी राय ने सत्रों का संचालन किया | सत्र के उद्घाटन व समापन दिवस पर संस्थान के सीईओ अखिलेश कुमार अर्गल ने भी अपने विचार साझा किए | प्रतिभागी श्वेता तिवारी ने कहा कि उन्होंने अनावश्यक बातों को इग्नोर करना सीख लिया है,अपेक्षाएं कम कर दी हैं, जरूरी चीजें ही सुनती हैं, जिस कारण अब वह डिप्रेशन से बाहर आ गई हैं| रमेश प्रकाश पांडे ने कहा कि पहले वह बहुत जल्दी अपसेट हो जाते थे, दूसरों के प्रति नजरिया भी नकारात्मक था पर अल्पविराम ने उन्हें सकारात्मक नजरिया सिखा दिया| कराटे कोच नेहा यादव ने कहा कि उन्होंने गुस्से पर नियंत्रण करना सीख लिया है | शिवांगनी राजावत ने कहा कि मन को शांत कर अंतरात्मा से निर्देश प्राप्त करने का अनुभव उन्होंने अल्पविराम से सीखा है,चार माह पहले माता-पिता और नंदोई को खोया है पर अब वह धीरे-धीरे अल्पविराम के सहारे नई जिंदगी की ओर बढ़ रही हैं| दीपिका मिश्रा और दीपक पटेल ने भी अपने विचार साझा किए छतरपुर से रिटायर्ड फौजी उमाशंकर सिंह और रवि पाल सिंह ने भी शांत समय के अनुभवों को साझा करते हुए इसे खुद के जीवन में बहुत कारगर टूल बताया | संस्थान के सीईओ अखिलेश कुमार अर्गल ने कहा कि यह इस कार्यक्रम का अंत हो सकता है पर जीवन के लिए नई शुरुआत है इस बारे में लगातार विचार करते रहें और अपने खुद के विचारों भावों आचरण व्यवहार पर नजर रखें, सुख और दुख और उसके पीछे के कारणों को जानने की समझ अल्पविराम देता है |अल्पविराम सबसे पहले खुद की मदद करने को प्रेरित करता है जब तक हम खुद खुश नहीं होंगे, तब तक दूसरों को खुश नहीं कर सकते, खुद की खुशी के लिए जरूरी है कि हम दूसरों का आकलन करने की जगह खुद का आकलन करना शुरू कर दें दूसरों के पति बचपन से लेकर अब तक बना लिए गए दृष्टिकोण को पूरी तरह साफ कर चीजों को निरपेक्ष भाव से देखना शुरू करें |


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