आनंद उत्‍सव 2020 फोटो एवं वीडियो प्रतियोगिता परिणाम       • ऑनलाइन कौर्स : ए लाइफ ऑफ़ हैप्पीनेस एंड फुलफिल्मेंट

अल्पविराम ने बढ़ाई जागरूकता अब  एंबुलेंस का सायरन  सुनाई देता है: लखन लाल असाटी  

प्रेषक का नाम :- आनंदम सहयोगी एवं मास्टर ट्रेनर लखनलाल असाटी छतरपुर
स्‍थल :- Chhatarpur
02 Jul, 2019

 छतरपुर। रविवार 30 जून 2019  को प्रताप सागर तालाब पर अल्पविराम परिचय सत्र आयोजित किया गया। मास्टर ट्रेनर आनंद लखनलाल असाटी द्वारा राज्य आनंद संस्थान की गतिविधियों के साथ-साथ अल्पविराम की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को तीन बार शांत समय दिलाया गया और उन्हें अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनने का भी अभ्यास कराया गया. उन्होंने कहा कि अल्पविराम से जागरूकता बढ़ती है पहले सड़क पर वाहन चलाते हुए एंबुलेंस का सायरन अनसुना कर दिया जाता था पर अब वह स्पष्ट सुनाई देता है और उसे रास्ता देने में भी आनंद आता है। मंगल ग्राम सहयोगी शिव नारायण पटेल पंचायत सचिव एवं जिला चिकित्सालय में पदस्थ नर्स श्रीमती विमला सोमन ने भी अल्पविराम से उनके जीवन में आए परिवर्तन की कहानी सुनाई। आनंद क्लब प्रताप नवयुवक संघ एवं पर्यावरण वाहिनी के प्रदीप सेन और साथियों द्वारा आयोजित इस विशेष अल्पविराम सत्र में सबसे पहले  आनंद क्या है, आनंद कैसे घटता और बढ़ता है  इस पर विचार साझा किए गए। सुख और आनंद के अंतर को भी समझा गया। यह विचार सामने आया कि रिश्ते आनंद घटाते और बढ़ाते हैं  तब शांत समय में सभी से यह अनुभव करने का आग्रह किया गया कि उन्हें उनका कौन सा रिश्ता दु:ख देता है या उनका कौन सा रिश्ता खराब है जिसे वह सुधारना चाहते हैं। कतिपय लोगों द्वारा विचार साझा करने के बाद  सभी से शांत समय लेकर ईश्वर से प्रार्थना करने को कहा गया कि वह उनके रिश्तो को ठीक करने में मदद करेंगे। सभी साथियों का परिचय भी एक विशेष प्रक्रिया के साथ कराया गया। 2-2 लोगों के जोड़े बनाए गए फिर उन्हें कुछ समय देकर आपस में एक दूसरे का परिचय करने को कहा गया और उसके बाद एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति का परिचय और उसकी खूबी बतलानी थी। परिचय की यह प्रक्रिया आपसी संबंधों को घनिष्ठ करती है। अल्पविराम अर्थात खुद से मुलाकात का यह कार्यक्रम कोई भी प्रतिक्रिया व्यक्त करने के पहले कुछ देर के लिए ठहर जाने की प्रेरणा देता है, साथ ही साथ जीवन की समस्याओं और चुनौतियों के समय अपनी अंतरात्मा की आवाज सुन कर और फिर निर्णय करने की क्षमता में वृद्धि करता है जब व्यक्ति शांत होकर आत्मा की आवाज सुनता है तो वह आवाज परमात्मा की होती है और जब व्यक्ति उस आवाज का अनुसरण करता है तो परमात्मा उसके साथ साथ चलता है. इस तरह व्यक्ति खुद के संपर्क में आकर सुधार करता है और एक नई दिशा की ओर बढ़ता है। इस कार्यक्रम में संगम सेवालय आनंद क्लब अध्यक्ष विपिन अवस्थी, केएन सोमन, श्रीराम सेवा समिति संयोजक राकेश तिवारी, एडवोकेट विनोद दीक्षित गुड्डू, एडवोकेट अभिषेक खरे, पार्षद डालडे मातेले, आर्टिस्ट राजेश संजू खरे, रामकृपाल गुप्ता, बबलू  दीक्षित, कालीचरण सेन, समाज सेवी श्रीमती सीता सिंह, श्रीमती द्रौपदी कुशवाहा, गोविंद सेन, संतोष, नरेंद्र सिंह, अनिल सोनी, सोनू,  मंगल ग्राम सहयोगी  चंद्रभान रावत, जुम्मन, छोटे पप्पू, सुरेंद्र गुप्ता, भैया अग्रवाल, सूरज सिंह, रियाज मिस्त्री, बॉबी ताम्रकार, रामाधीन सेन, रामकुमार, शंभू रजक, अच्छू मोदी, हेमराज वर्मा, राजेंद्र सेन आदि उपस्थित थे।


फोटो :-

   

डाक्‍यूमेंट :-

Document - 1


वीडियो:-

Video - 1