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आनंद विभाग का गठन और नर्मदा सेवा यात्रा अभिनंदन करने योग्‍य-बौद्ध धर्म गुरू श्री लामा

स्‍थल :- Bhopal
20 Mar, 2017

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां बौद्ध धर्मगुरू श्री दलाई लामा से मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उन्हें प्रदेश में आनंद विभाग तथा नदी संरक्षण के लिये चल रही नर्मदा सेवा यात्रा की जानकारी दी। श्री दलाई लामा ने कहा कि भौतिक विकास से ज्यादा जरूरी मन का विकास है क्योकि वह चिरस्थायी है। प्रदेश में आनंद विभाग का गठन बहुत अच्छा कदम है। नर्मदा सेवा यात्रा एक अभिनंदन करने योग्य कार्य है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रसन्नता बाहर से नहीं अंदर से निकलती है। मध्यप्रदेश में आनंद विभाग ने इस दिशा में गतिविधियां शुरू की है। जिनके पास जरूरत से ज्यादा सामग्री है वो जरूरतमंदों को देने के लिये आनंदम केंद्र बनाये गये है। आनंद उत्सव के तहत खेल कूद और सांस्कृतिक गतिविधियां शुरू की गयी है। अल्प विराम कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके अलावा ध्यान, योग, प्राणायाम जैसी गतिविधियां शुरू की गयी है। पाठ्यपुस्तकों में प्राचीन मनोविज्ञान निष्काम कर्मयोग के संदेश और बुद्ध की शिक्षओं को शामिल किया गया है। यह अच्छा जीवन जीने की कला है।

श्री दलाई लामा ने कहा कि भौतिक विकास बाहरी है, इसके साथ मन का विकास होना चाहिये। मन में सुख है तो गरीब भी प्रसन्न है और मन में सुख नहीं तो अमीर भी प्रसन्न नहीं है। भारत की मनोविज्ञान की पद्धतियां सबसे उत्तम है। मानसिक सुख चाहते है तो प्राचीन मनोविज्ञान पर ध्यान देना होगा। भारतीय पद्धति में मनोविज्ञान महत्वपूर्ण विषय है। मनोविज्ञान को धर्म का विषय नहीं मानकर शिक्षा पद्धति में सम्मिलित किया जाये। पाश्चात्य वैज्ञानिक भी प्राचीन मनोविज्ञान की और आकर्षित हो रहे है। इस तरह की पद्धति भारत में पहले से ही है। प्राचीन समय से भारत में उपस्थित सर्व धर्म समभाव की परम्परा आज के समय में बहुत कारगर है।