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मां बाप से अब नहीं चिढ़ेंगे, थोड़ा रुक कर देंगे जवाब**अल्पविराम ने कराई है खुद से मुलाकात

प्रेषक का नाम :- आनंदम सहयोगी एवं अतिरिक्त नोडल अधिकारी लखन लाल असाटी छतरपुर
स्‍थल :- Chhatarpur
05 Jun, 2019

*मां बाप से अब नहीं चिढ़ेंगे, थोड़ा रुक कर देंगे जवाब**अल्पविराम ने कराई है खुद से मुलाकात,गलती स्वीकारने की दी ताकत*छतरपुर, स्वास्थ विभाग द्वारा चलाए जा रहे अल्पविराम प्रशिक्षण के पांचवें सत्र में प्रशिक्षण के दौरान एएनएम ने कहा कि उन्हें पहली बार कोई प्रशिक्षण इतना अधिक भाया है, इस प्रशिक्षण में नौकरी और ज्ञान की बात न होकर खुद को जानने का तरीका सीखा है, अहंकार दूर हुआ है खुद की गलतियों को स्वीकारने की ताकत बढ़ी है.*सागर कमिश्नर श्री मनोहर दुबे के आग्रह पर मध्य प्रदेश शासन के स्वास्थ्य विभाग द्वारा छतरपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों के लिए अल्पविराम के विशेष प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं, छतरपुर जिले में अध्यात्म विभाग के नोडल अधिकारी एवं जिला पंचायत सीईओ श्री हर्ष दीक्षित के मार्गदर्शन में अल्पविराम सत्रों का आयोजन लगातार हो रहा है* नौगांव स्थित क्षेत्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज प्रशिक्षण केंद्र पर तीन दिवसीय आवासीय अल्पविराम सत्र का संचालन मास्टर ट्रेनर आनंद लखनलाल असाटी ने किया, प्रशिक्षण में दमोह जिले के मास्टर ट्रेनर रमेश कुमार व्यास, शिवपुरी जिले में अध्यात्म विभाग के डिस्टिक प्रोगाम लीडर प्रेम कुमार सिरोलिया एवं आईआईटी रुड़की के इंटर्न रोशन कुमार ने भी संबोधित किया**डीपीएम राजेंद्र खरे ने सत्र की शुरुआत करते हुए कहा कि यह ट्रेनिंग खुद को खुश रखने के लिए है अभी तक के जो भी प्रशिक्षण होते थे वह सरकार और समाज को खुश रखने के लिए किए जाते थे* अपनी नौकरी की शुरुआत कर रही एएनएम ने कहा कि उन्हें मां-बाप की सलाह बुरी लगती थी और वह बुरी तरह चिढ जाती हैं, पर शांत समय लेने के बाद बहुत पछतावा हो रहा है अब वह कभी भी अपने मां बाप का दिल नहीं दुखाएंगे और उनसे प्रेम पूर्वक व्यवहार करेंगे. मंगल ग्राम के एक शिक्षक ने कहा कि वह अपने दोनों बेटों में भेदभाव करते हैं होशियार बेटे को अधिक महत्व देते हैं जो पढ़ाई में कमजोर है उसकी उपेक्षा करते हैं पर अब वह ऐसा नहीं करेंगे.एक बुजुर्ग एएनएम ने अश्रुपूरित नेत्रों से कहा कि उसके बेटे और बहू दोनों बहुत अच्छे हैं पर उसका खुद का स्वभाव ही खराब है और बद्री केदार की यात्रा जाते समय उन्होंने अपने बहु बेटे को साथ नहीं लिया जिसका उन्हें अब अत्यधिक दुख हो रहा है, कि किस तरह वह अपने देवता जैसे बेटे से माफी मांगे. एक युवा एएनएम ने रोते हुए कहा कि पिता द्वारा बहुत अधिक पूछताछ करने के कारण उसने कई दिनों से अपने पिता से बात करना ही छोड़ दिया है शांत समय लेने के बाद अब उसे बहुत पछतावा हो रहा है कि किस तरह अपने पिता से माफी मांगे.रविवार और सोमवार को सुबह 6बजे से लेकर 9 बजे तक 3 घंटे लगातार एकांत और मौन रहकर एएनएम ने खुद के जीवन को जानने की कोशिश की और इस दौरान उनकी आत्मा ने जो उनसे कहा उसे उन्होंने लिखा भी जिससे उन्होंने आपस में साझा भी किया,


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