छतरपुर | शासकीय सेवक नहीं, शिक्षक बने. अल्पविराम खुद की आवाज सुनने का सशक्त माध्यम : कलेक्टर श्री रमेश भंडारी

प्रेषक का नाम :- आनंदम सहयोगी एवं अतिरिक्त नोडल अधिकारी लखन लाल असाटी
स्‍थल :- Chhatarpur
27 Sep, 2018

शासकीय सेवक नहीं, शिक्षक बने: कलेक्टर श्री रमेश भंडारी छतरपुर। शिक्षक समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, वह सिर्फ शासकीय सेवक बनकर न रह जाए बल्कि शिक्षक बनकर रहें तो समाज का भला होगा और शिक्षकों का सम्मान भी बढ़ेगा, नौगांव के जिला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान डाइट में 100 शिक्षकों के तीन 3 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण के पहले शिविर के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री रमेश भंडारी ने यह बात कही उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में शिक्षक बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं, वहां के ग्रामीण आकर उन्हें खुद बताते हैं कि उनके गांव की टीचर बहुत अच्छे हैं और उनके खिलाफ की गई शिकायत निराधार हैं तब उन्हें बहुत प्रसन्नता होती है. श्री भंडारी ने कहा कि  प्रशिक्षण प्राप्त कर यह 100 शिक्षक जिले के 9000 शिक्षकों के लिए ध्वज वाहक बनेंगे, जिससे जिले के पूरे स्कूलों मैं सकारात्मक बदलाव दिखाई देगा. उन्होंने कहा कि अल्पविराम कार्यक्रम खुद में बदलाव का सशक्त माध्यम है. आकांक्षावान जिलों में सम्मिलित छतरपुर के उन  100 स्कूलों के शिक्षकों को लर्निंग आउटकम प्रोग्राम के तहत अल्पविराम का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिनके छात्रों की नेशनल अचीवमेंट सर्वे में अपेक्षा से कम रैंकिंग आई है सागर कमिश्नर श्री मनोहर दुबे की पहल पर यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है जिससे कि इन स्कूलों के छात्रों की शैक्षणिक दक्षता में सुधार हो और यह सुधार अगले नेशनल अचीवमेंट सर्वे के बाद प्रमाणित भी हो सकेगा  इस प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु छतरपुर जिले से मास्टर ट्रेनर लखनलाल असाटी के साथ राज्य आनंद संस्थान से स्टेट कोऑर्डिनेटर हिमांशु भारत, उद्दीपक संस्थान अहमदाबाद से दीपक तरैया, टाटा मोटर्स जमशेदपुर से किशोर कुमार यह प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं.  संयुक्त संचालक लोक शिक्षण सागर संभाग श्री आर एस शुक्ला, सहायक संचालक सागर श्री आशुतोष गोस्वामी, सहायक संचालक शिक्षा श्री जे एन चतुर्वेदी, डीपीसी हरि शंकर त्रिपाठी, आरबी पटेल एवं पवन विरथरे भी इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए  प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत कुछ शिक्षकों ने कलेक्टर की उपस्थिति में अपने विचार साझा कर  बताया कि वह अपने-अपने स्कूलों में किस तरह का परिवर्तन करेंगे उन्होंने कहा कि अब उन्हें अपनी गलतियां पहचान करने की क्षमता बढ़ी है उनका आत्मविश्वास बढ़ा है परिवर्तन को सहजता से स्वीकार करने की प्रवृत्ति बढ़ी है वे संबंधों को सुधारेंगे दूसरा प्रशिक्षण शिविर डाइट नौगांव में ही 27 सितंबर से 29 सितंबर 2018 तक आयोजित है।      


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