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दया,सहयोग के बदले मिलता है आत्मसंतोष/ आनंद की अनुभूति

प्रेषक का नाम :- विष्णु कुमार सिंगौर मंडल संयोजक जनजातीय कार्य विभाग/आनंदम् सहयोगी मंड़ला
स्‍थल :- Mandla
15 Feb, 2018

दया,सहयोग के बदले मिलता है आत्मसंतोष/ आनंद की अनुभूति मंडला मुख्यालय से 50/-किमी. दूर घुघरी विकासखंड अन्तर्गत ग्राम-सुरेहली से निवासी रमेश मसराम, रामनाथ मरकाम, धरम, छिद्दी लाल धुर्वे,केवल मरकाम,श्रीमति धनिया बाई,समलिया बाई,राहुल विश्वकर्मा,धरमवती विश्वकर्मा,भागवती विश्वकर्मा जिला मुख्यालय काम करने आये थे। महिनों काम करने के बाद निकटतम कस्बा चाबी( मेला) की मड़ई लगने के अवसर पर काम करने वालों का यह समूह अपने घर लौटने वाला था। मड़ई ( मेला) में जाने के लिये इन लोगों के मन में उत्साह भी था और अच्छे -अच्छे कपड़े पहनने का शौक भी। इसी उत्साह के चलते इन लोगों ने आनंदम् ( दुआओं का घर ) मंड़ला में आना हुआ था। चूँकि लोग ग्रामीण क्षेत्रों से आने के कारण ही कुछ अनिश्चितता की स्थिति में थे कि कौन सा कपड़ा उनके लिये सही नाप का और सुन्दर लगेगा। मुझे ( विष्णु कुमार सिंगौर ,मंड़ल संयोजक जनजातीय कार्यविभाग/आनंदम् सहयोगी ) सहज ही अनुमान हुआ कि लोगों को मदद की आवश्यकता है। व्यवस्था बनी रही इस उद्देश्य से सबसे पहले पुरूषों के लिये उचित पेंट( वह भी जीन्स जिसे यह लोग जिनस का पेंट) शर्ट के साथ-साथ जूते निकाल-निकाल कर दिये, फिर महिलाओं के लिये साडि़याँ/लेडिज बैगस्/ चूडियों के सेट भी दी गयी। इन लोगों के द्वारा सामग्री प्राप्त करने से जो उत्साह और आनंद चेहरे पर दिखाई दिया वह स्वयं को रोमांचित करने वाला था। लोगों की मदद करने पर आत्म सुख और आनंद की अनुभूति होती है। साथ ही जाते जाते ग्रामीण का समूह पूरे आनंदित भाव से दुआऐं/आशिर्वचन देकर जाते हैं सुरेहली के इन ग्रामीणों ने म.प्र.शासन को अभिनव पहल के लिये माननीय मुख्यमंत्री महो. और क्रियान्वित करने के लिये जिला प्रसाशन को धन्यवाद देकर गये हैं।


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