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मदद के करने से मिलता है आनंद ,आत्म संतोष और सुखी रहने का आशिर्वाद

प्रेषक का नाम :- विष्णु कुमार सिंगौर मंडल संयोजक जनजातीय कार्य विभाग/आनंदम् सहयोगी मंड़ला
स्‍थल :- Mandla
24 Jan, 2018

मदद के करने से मिलता है आनंद ,आत्म संतोष और सुखी रहने का आशिर्वाद मंड़ला जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से लोग अकेले ही नहीं वरन परिवार सहित ,शहर काम की तलाश में आते हैं।। ऐसे लोग गाँव से शहर आनन-फानन में आ तो जाते हैं लेकिन उनके पास पहनने -ओढ़ने के लिये पर्याप्त सामग्री नहीं होती है। ग्राम- देवहारा बंम्हनी विकासखंड़ घुघरी जो मुख्यालय से 70 किमी. दूर है। इस गाँव से श्री ब्रजेस.मरावी पत्नी मनिया बाई,सुरेश कुमार (पुत्र),भानवती ( पुत्री) के साथ मंड़ला काम करने आये हैं। और इनके पास पहनने-ओढ़ने के पर्याप्त कपड़े नहीं थे। इन्हें पता चला कि आनंदम ( दुआओं का घर ) मंड़ला में कपड़े आदि जरूरत की सामग्री मिलती है लेकिन अशिक्षित होने के कारण ये लोग रास्ते से भटक गये। लेकिन आनंदम् मुसाफिर सेवा क्लब के सदस्यों ने इनको आनंदम् ( दुआओं का घर) मंड़ला तक पहुँचाया गया। आनंदम् से ब्रजेस.मरावी को पेंट-शर्ट ,पत्नी मनिया बाई को साड़ियाँ,,सुरेश कुमार (पुत्र),भानवती ( पुत्री) को उपयुक्त कपड़े तो मिले ही साथ ही ब्रजेस के परिवार सोने के लिये कथरी ( गद्दे की तरह का वस्त्र) और मच्छर दानी भी मिले। सहयोग करते समय ब्रजेस.मरावी ने मुझे ( विष्णु कुमार सिंगौर मंड़ल संयोजक /आनंदम् सहयोगी) अवगत कराया था कि उसके पास बिछाने के कपड़े नहीं है और उसने सोचा भी नहीं था कि आनंदम् ( दुआओं का घर) मंड़ला से से बिछाने के भी कपड़े मिल सकते हैं…लेकिन मिलने के बाद ब्रजेस का पूरा परिवार आनंद विभोर होकर इस पहल के लिये म.प्र.शासन/ आनंद विभाग/ जिला प्रसाशन को धन्यवाद दिया। वहीं आनंदम् मुसाफिर सेवा क्लब के सदस्यों ने आत्म सुख और आत्म संतोष का आनंद लिया।


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