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दूसरे जिले की महिला( शिववती धुर्वे) का मार्गदर्शन किया। तो वह भी आनंदित

प्रेषक का नाम :- विष्णु कुमार सिंगौर मंडल संयोजक जनजातीय कार्य विभाग/आनंदम् सहयोगी मंड़ला
स्‍थल :- Mandla
29 Dec, 2017

शिववती धुर्वे जाति ( बैगा) निवासी ग्राम-नांदा विकासखंड़ अमरपुर, जिला- डिंड़ौरी काम की तलाश में सीमावर्ती जिला-मंड़ला में परिवार के साथ आयी हुई है। शिववती के पति काम की तलाश में हैं शिववती अपनी चार माह की बेटी को पीठ पर गपची में बांध कर भीख माँग रही थी। बच्ची के शरीर में अच्छे से कपड़े भी कहाँ से होते। यह संयोग कहें या ईश्वरीय कृपा कि शिववती भीख माँगते हुये आनंदम् ( दुआओं का घर ) मंड़ला के क्षेत्र में आयी। आनंदम् मुसाफिर सहायता क्लब मंड़ला के सम्पर्क में आयी। आनंदम् मुसाफिर सहायता क्लब मंड़ला के अध्यक्ष अमित बैरागी शिववती धुर्वै को साथ लेकर आनंदम् जिसे( म़ड़ला निवासी दुआओं का घर कहते हैं) आये और शिलवती को आनंदम् स्थल के विषय में बताया कि उसे आवश्यक कपड़े आदि मिल जायेगें। आनंदम् ( म़ड़ला निवासी दुआओं का घर कहते हैं) में आते ही शिववती को आशा की किरण दिखाई दी। उसे एका-एक समझ में आया कि क्या रखे क्या नहीं? पीठ में बच्चा होने से उसे सबसे पहले मैने ( विष्णु कुमार सिंगौर मंड़ल /आनंदम् सहयोगी )बैठाया,पानी पिलाने के बाद उसके मनोभाव को समझते हुये एक सुन्दर साड़ी, ब्लाउज,चूडि़यों का सेट, नन्हीं सी बच्ची( जिसकी उम्र मात्र 04 माह है ) के लिये जीरो साइज के कपड़े निकाल कर दिये। अब तक वह मुझ ( विष्णु कुमार सिंगौर मंड़ल /आनंदम् सहयोगी )से अच्छे से बात करनी लगी शायद इसलिये उसने कहा कि “ऐखर से आगू इक ठंईया इक और हवै, ओखर ला मिल जातिस तब ठीक रहे” उम्र का अंदाजा लगाते हुये शिववती की पहली संतान के लिये कपड़े दिये। तो उसे लगा कि बहुत सी भौतिक जरूरत पूरी हुईं। शिववती के चेहरे में आनंद और खुशी/संतोष स्पष्ट दिख रही थी। शायद यही वजय से सीताराम करते हुये म..प्र.शासन के मुखिया/ म.प्र. आनंद संस्थान/जिला प्रसाशन और दुआओं का घर मंड़ला को धन्यवाद देते हुये विदा हुई।


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