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ग्रामीण और दिल से भले लोगों की मदद् का आनंद।

प्रेषक का नाम :- विष्णु कुमार सिंगौर मंडल संयोजक जनजातीय कार्य विभाग/आनंदम् सहयोगी मंड़ला
स्‍थल :- Mandla
22 Dec, 2017

ग्रामीण और दिल से भले लोगों की मदद् का आनंद। आज मेरी मुलाकात ग्राम-भैंसवाही विकासखंड़ घुघरी जिला-मंड़ला के ग्रामीणों से हुई। श्री मन्नी लाल धुर्वे ग्राम.भैंसवाही, फूलसाय पूसाम ग्राम.भैंसवाही, लक्ष्मी सिंह मरकाम ग्राम-कैदों विकासखंड़-घुघरी बज्जू सिंह मार्को ग्राम-उमरडीह ,विकासखंड़ मोहगाँव जिला मुख्यालय मंड़ला न्यायालयीन कार्यों से आये हुये थे। तन में धोती, शर्ट,जाकेट( जिसे स्थानीय भाषा में बंड़ी कहा जाता है) ,शिर में पकड़ी ( साफा) और हाथों में लठिया । इन्हैं देखते ही सहज अनुमान लग जाता है कि ये ग्रामीण-जन ,बिना पढ़े-लिखे है और दिल से साफ व्यक्ति हैं। इन व्यक्तियों को आनंदम् ( दुआओं का घर ) के विषय में समझाया कि यहाँ चल कर देख लें और जो आपके लिये जरूरत का समझ में आये उसे रख सकते हैं प्रारंभ में तो इन्हें लगा कि किसी वस्तु के बदले कोई कीमत लगेगी तभी तो इन्होनें कहा कि मोर ढ़ींगां पैसा निहीं आऐ ( मेरे पास पैसे नहीं है ) लेकिन मैं इन लोगों को समझाने में कामयाब हो गया कि बदले में पैसै नहीं लगते हैं। दुआओं का घर साथ में घुमाया तब स्वयं के लिये जूतों को उपयोगी बताकर लिया। बच्चों के कपड़ों को देखकर इनके मन में बच्चों के कपड़े रखने की जिज्ञासा जाग्रत हुई लेकिन सही अनुमान न लगा पाने की समस्या इनके सामने थी। इस बात को समझते हुये मैने ( विष्णु कुमार सिंगौर मंड़ल संयोजक जनजातीय कार्य विभाग/ आनंदम सहयोगी ) बच्चों की अनुमानित उम्र/ किस-किस कक्षा में पढ़ते हैं जानकारी लेकर कपड़े दिये। बच्चों के कपड़े पाने के साथ ही प्रसन्नता और आनंदित भाव से कहते हैं “ या मेर नाती ला होई जाई, सहीं छांटे हवै साहब”” और उसी आनंदित भाव से मदद् के बदले दुआ देकर गये ,साथ-साथ इस बात पर भी आनंद और प्रशनंता व्यक्त किये कि इस तरह के कार्य करने वाला संस्थान.है। मदद करने के बाद इनके और मेरे अंदर जो प्रेम और आनंद उठा है वह निश्छल और अमूल्य है।


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