अपने अंदर दूसरों की मदद की इच्छा निस्वार्थ भाव से जागृत करें, सहयोग का माध्यम बनें बाकी व्यवस्थाएं तो स्वतः ही हो जाती है।

प्रेषक का नाम :- श्री विजय मेवाड़ा आनंदम सहयोगी एवम श्री अरविंद शर्मा समन्वयक इंदौर
स्‍थल :- Indore

अपने अंदर दूसरों की मदद की इच्छा निस्वार्थ भाव से जागृत करें, सहयोग का माध्यम बनें बाकी व्यवस्थाएं तो स्वतः ही हो जाती है।ये कथन है श्री संजय सांवरे 30 वर्ष के युवा हे जो जिनके पिता चौकीदारी की नोकरी एवम माता आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हे अर्थात पारिवारिक स्थिति सुदृढ़ न होने के बावजूद ,जिन्होंने अपना मिशन लोगो को खुशियां देना बनाया।और उसे नाम दिया (मिशन स्माइल)वे 2-3 सालों से ऐसे बच्चों की मदद कर रहे हैं जो अत्यंत गरीब, निराश्रित हैं।और अन्य समाज सेवियों की सहायता से ऐसे आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा, स्वास्थय और उनके सर्वांगीण विकास हेतु प्रयासरत है।समाज के अन्य लोग भी उनके सेवाभावी प्रयासों को प्रोत्साहित कर उनका सहयोग कर रहे हैं।उनके जज़्बे को सलाम।


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