• आनंद शिविर प्रशिक्षण तथा अल्पविराम कार्यक्रम के रजिस्ट्रेशन की जानकारी के लिए क्लिक करें          • आनंद प्रोजेक्ट एवं फ़ेलोशिप के लिए आवेदन आमंत्रित है

ग्रामीण क्षेत्रों से आनंदम ( दुआओं का घर ) में सामग्री पहुंचा कर आनंदित होते हैं

प्रेषक का नाम :- विष्णु कुमार सिंगौर मंडल संयोजक जनजातीय कार्य विभाग/आनंदम् सहयोगी मंड़ला
स्‍थल :- Mandla
16 Dec, 2017

ग्रामीण क्षेत्रों से आनंदम ( दुआओं का घर ) में सामग्री पहुंचा कर आनंदित होते हैं प्रारंभिक समय में आनंदम स्थल ( दुआओं का घर ) मंड़ला में सामग्री छोड़ने वाले लोगों में नगरीय /उपनगरीय क्षेत्रों के रहने वाले होते थे। इनमें कपड़े,जूते-चप्पल,जनरल स्टोर्स,स्टेशनरी,रेडीमेट गारमेंटस,इलाकट्रानिक्स के व्यापारी वर्ग भी सम्मलित होकर आनंदम् ( दुआओं का घर ) में सामग्री छोड़ा है। और सामग्री ले जाने वाले लोगों में शहर के अतिरिक्त मुख्यालय सहित अन्य विकासखंड़ो के जरूरतमंद लोग भी आनंदम में आकर जरूरत की सामग्री प्राप्त करते हैं परिणाम स्वरुप ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों में भी सामग्री दुआओं का घर में छोड़ने का विचार जाग्रत हो रहा है। ये लोग ग्रामीण क्षेत्रों से केवल सामग्री आनंदम् ( दुआओं का घर ) में छोड़ने के प्रायोजन से आ रहें हैं। ऐसा करने के लिये इन व्यक्तियों को आने-जाने में किराया आदि भी लगता है फिर भी दूसरों की मदद् की भावना इतनी ,कि आने-जाने में होने वाला कष्ट भी हल्का होता है। साथ ही खुद के गाँव में भी आनंदम् की अवधारणा के प्रचार में लग चुके हैं ग्रामाणों को यह समझा रहे हैं कि आपके पास जो जरूरत से अधिक है उसे आनंदम् में छोड़ आयें और यदि छोड़ने नहीं जा सकते तो हम छोड़ आयेगें। श्री दिलीप साहू निवासी ग्राम-हिरदेनगर, श्री सुनील कुमार चौरसिया निवासी ग्राम- बिनैका पिछले दिनों गाँव से सामग्री छोड़ने आये हैं। श्री दिलीप साहू ने बताया कि खुद के गाँव में भी आनंदम् की अवधारणा के प्रचार में लग चुके हैं ग्रामाणों को यह समझा रहे हैं कि आपके पास जो जरूरत से अधिक है उसे आनंदम् में छोड़ आयें और यदि छोड़ने नहीं जा सकते तो हम छोड़ आयेगें। श्री दिलीप साहू को गाँव के व्यक्तियों /पडो़सीयों को साथ लेकर आनंद क्लब बनाकर आनंद के कार्य करने के विषय में जानकारी दी गयी। और सहमति बनायी गयी।


फोटो :-