बच्चे सृजन के भावी शिल्पकार होते है- डॉक्टर यादव

प्रेषक का नाम :- सचिन दुबे (अध्‍यक्ष- आशादीप आनन्‍द क्‍लब आशाग्राम बड़वानी)
स्‍थल :- Badwani

बच्चे ईश्वर की जिवंत प्रतिकृति होते है! निष्कपट बालमन कोमल होता हे जिसे पूर्ण दक्षता एवं देखभाल के साथ माँ प्रथम पाठशाला के रूप में सिंचित करती है ! विधालय पहुंचने पर बच्चो को अंतिम रूप से तरासने का दायित्व गुरुजनो का होता है ! सही गलत की समझ के साथ हमारे आसपास के सभी परिदृश्यों की जानकारी उसे जागरूक व जिम्मेदार नागरिक बनाती है उक्त बाते शासकीय माध्यमिक विधालय क्रमांक १ के विज्ञान मित्र क्लब के ५० छात्रों को आशाग्राम भृमण के दौरान ट्रस्ट के सचिव डॉक्टर शिवनारायण यादव ने कही उन्होंने कहा बच्चे सृजन के भावी शिल्पकार होते है ! छात्रों को ट्रस्ट के जनसम्पर्क अधिकारी सचिन दुबे द्वारा संस्था के माध्यम से ' वेस्ट को बेस्ट ' बनाने के लिए किये गए नवाचारों से रूबरू कराया जिसके तहत कॉटन वेस्ट से बने दरी उत्पाद एवं रद्दी पेपर से बने पैकेट व हस्त निर्मित पेपर उत्पाद केरी बेग की जानकारी दे कर स्वछता एवं पॉलीथिन मुक्ति में पहल करने हेतु स्वयं के घर से शुरुवात करने का बच्चो से आह्वान किया ! बच्चो ने दरी बुनाई केंद्र पहुंच कर ताने व बाने के गठजोड़ से बानी सुन्दर दरियो को बनते देख कर सिखने की उत्सुकता दिखाई जिसपर संस्था सदस्यों द्वारा उन्हें ' अवकाश के मित्र ' रूप में जुड़ने की बात कही ! बच्चो ने पुरे परिसर में आशादीप आनंद क्लब के सदस्यों के साथ घूम कर आनंद के साथ साथ ५२ फिट ऊंची दिव्य हनुमान जी प्रतिमा के दर्शन कर भोजन किया इस अवसर पर विधालय के प्रधान अध्यापक श्री वि के पाटिल शिक्षक कैलाश मेहरा परियोजना निदेशक आनंदक मनीष पाटीदार दरी बुनाई केंद्र प्रभारी दिनेशचंद्र मंडलोई नानूराम पाटीदार आदि उपस्थित थे !


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