'आनंद' अंतर में है।

प्रेषक का नाम :- देवेन्‍द प्रसाद पाण्‍डेय प्रेरक आनंदक (आनंदम क्‍लब, रीवा)
स्‍थल :- Rewa

'आनंदम' क्लब के पदाधिकारियों द्वारा ग्राम भटलो, रीवा, में शासकीय विद्यालय के शिक्षकों को जीवन के प्रति सकरात्मकता एवं नवीनता के प्रति अग्रसर होने हेतु विभिन्‍न आनंद गतिविधियों को अपने जीवन शैली में उतारने हेतु प्रेरित किया । आनंदम क्लब के अध्यक्ष श्री रावेन्द्र प्रसाद पाण्डेय जी ने शिक्षकों से बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ- साथ नैतिक ज्ञान को पहुंचाने हेतु आग्रह किया तथापि बच्चों को विभिन्न कलात्म‍क अभिरूचियों की ओर उन्मुख करने हेतु प्रेरित करने को कहा। क्लब के प्रेरक आनंदक श्री देवेन्‍द्र पाण्डेय जी ने अध्यापकों को अपने 'अंतर' में आनंद खोजने हेतु कहा, उन्होने यह कहा कि 'आनंद' बाहर की अनुभूति नहीं 'अन्दर' की अनुभूति है, जिसे एकांत में अपनी आत्मा की आवाज को सुनकर महसूस किया जा सकता है ।