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आनन्द शरीर को स्वस्थ्य व निर्विकार कर योगानन्द बनाता है - श्री पाण्डेय

प्रेषक का नाम :- सचिन दुबे (अध्‍यक्ष- आशादीप आनन्‍द क्‍लब आशाग्राम बड़वानी)
स्‍थल :- Badwani
14 Nov, 2017

आनन्द अपने आप में एक महायोग है जिससे मस्तिष्क तनावमुक्त बनता है तथा वही संपूर्ण शरीर रूपी वाहन का चालक भी होता है। इसलिए आनन्द के साथ योगानन्द बनिए। मनुष्य के स्वरूप में ईश्वर ने सुंदर, सजीव कलाकृति बनाकर उसे प्राणवान, बुद्धिमान बनाया है, किन्तु कुछ बाल्यकाल से ही भटक जाते हैं, तो कुछ किशोरावस्था में संगती व बुरे आचरण की चकाचैंध में दिव्य शरीर व आत्मा को खाक कर लेते हैं। उक्त बातें आशाग्राम ट्रस्ट बड़वानी द्वारा सर्व शिक्षा अंतर्गत संचालित विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के छात्रावास में आशादीप आनन्द क्लब द्वारा आयोजित योग साधना शिविर में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इन्दौर के योगाचार्य श्री अभिषेक दत्त पाण्डेय ने कही। उन्होने कहा ईश्वर की अनुपम कृति को हमने अज्ञानतावश दुव्र्यसनों एवं अनियमित दिनचर्या से रोगग्रस्त कर लिया है। व्यसनों का त्याग कर प्रतिदिन योग करें और जीवन को निरोगी बनाऐं। योगाचार्य द्वारा विशेष बच्चों को सूर्य नमस्कार, अनुलोम-विलोम, कपालभाति आदि का अभ्यास कराकर छात्रावास के प्रशिक्षकों को योग प्रशिक्षण दिया जिसे बच्चों ने भी शिघ्र ग्रहण कर योग की विभन्न विधाऐं करके दिखलाई। ट्रस्ट सचिव डाॅ. शिवनारायण यादव ने बताया कि बच्चों को प्रतिदिन विशेष पीटी एवं खेलकूद करवाऐ जाते हैं अब योग भी शामिल हो गया है। आशादीप आनन्द क्लब के द्वारा बच्चों को योगाभ्यास करने में सहयोग प्रदान कर किड्स फोर्स के माध्यम से योग को नियमित करने की बात कही गई। इस अवसर पर आशादीप आनन्द क्लब के अध्यक्ष सचिन दुबे, आनन्दक मणीराम नायडू, आनन्दक नरेन्द्रसिंह सिसौदिया, पण्ढरीनाथ पाटीदार, आनन्दक मनीष पाटीदार, वार्डन पन्नालाल पटेल, दिलीप आदि उपस्थित थे। जनसंपर्क अधिकारी आशाग्राम ट्रस्ट बड़वानी


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