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विकलाँग घनश्याम सिसोदिया की शादी की बात चली ,””दुआओं का घर मंडला”” से

प्रेषक का नाम :- विष्णु कुमार सिंगौर मंडल संयोजक ( आदिवासी विकास)/आनंदम सहयोगी मंडला
स्‍थल :- Mandla
04 Oct, 2017

विकलाँग घनश्याम सिसोदिया की शादी की बात चली ,””दुआओं का घर मंडला”” से घनश्याम सिसोदिया जिला मुख्यालय से लगभग 15 किमी. समीपी ग्राम पीपरपानी का रहने वाला.है।बचपन में पोलियो होने के कारण बैसाखियों के सहारे चलता.है। इनके परिवार में माता जी का स्वर्गवास हो चुका है।पिता अवकाश प्राप्त प्रधानाध्यापक.है, जो वृद्धावस्था के कारण असक्त.हैं। भाई-बहन अपना-अपना परिवार बसाकर मस्त हैं और अलग-अलग रहते.हैं घनश्याम सिसोदिया ने कहा कि बड़े.भाई चाहते.हैं इसकी शादी नहीं होगी तो सम्पत्ति के बारिस.खुद.हो जायेगें ऐसा सोच कर परिवार शादी में.ध्यान नहीं देता.है। घनश्याम के पास खुद का आटो है.और चलाता.है जो बैंक से लोन द्वारा खरीदा.गया.है। भाईयों के अलग होने.से अपना.भोजन-पानी किसी तरह खुद ही करता है और अब सहारे की अवश्यकता है। एक दिन घनश्याम ने रोते हुये पूरी कहानी बताकर शादी कराने का निवेदन किया था।उसकी कहानी सुनने के बाद मेरे हृदय में पीड़ा हुई ,कि ऐसे सोच रखनेवाले मानव समाज में हम लोग रहते हैं जहाँ मानवता की.छोड़िये भाई ही भाई के प्रति द्ववेष रखते हैं। वहीं मैने उसे अंतर्जातीय विवाह करने की बात की तो घनश्याम का स्वभीमान आड़े आ रहा है जिसको हम तोड़ना भी नहीं चाहते हैं। चूँकि मैं आनंदम ( दुआओं का घर ) मंडला में ही कार्य करता हूँ और यहाँ पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से हर समाज,हर वर्ग के लोगों के आने-जाने.से बातचीत होती रहती है। एक दिन मुख्यालय से 50 किमी.दूर बिछिया विकासखंड के अन्तर्गत कोशमपानी ग्रामपंचायत ठोंड़ा के बुजुर्ग भागचंद्र उइके को विषय से अवगत कराया भागचन्द्र उइके भी सकारात्मक सोच के धनी हैं अपने गाँव जाकर सिसोदिया समाज के लोगों से बातकरके परस्पर बातचीत का सिलसिला प्रारंभ करा दिया है ।अब हम इंतजार कर रहें है उस समय का जब घनश्याम सिसोदिया की जीवन-साथी की तलाश पूरी होगी।


फोटो :-