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'दुआओं का घर' के संचालन में  है आनंद

प्रेषक का नाम :- विष्णु कुमार सिंगौर मंडल संयोजक आदिवासी विकास/आनंदम सहयोगी
स्‍थल :- Mandla
18 Sep, 2019

आनंदम् ( दुआओं का घर ) में बैठने से खुशी मिलती है। यूं तो आनंदम् में बैठने से आनंदम् की सुरक्षा ,व्यवस्था देखरेख होती ही है। साथ -साथ आनंदम् स्थल का संदेश“” जो आपके पास आवश्यकता से अधिक है.यहाँ छोड़ जायें । जो आपके जरूरत है यहाँ से ले जायें।। सीधे -सीधे आम आदमी तक जाता है जो अशिक्षित/ ग्रामीण हो , उन्हें समझाने से / प्रचार- प्रसार अपने आप हो जाता है।

जो व्यक्ति किसी संकोच/ संदेह वश समाग्री देने या लेने नहीं आते ऐसे लोगों के संकोच/ संदेह दूर करने के अवसर मिलते हैं। आनंदम में बैठने से आनंदम की मूल भावना की रक्षा तो होती ही है वरन आनंद विभाग के अन्य कार्य यथा आंनदको /आनंद क्लब /आनंद सभा के लिए शासकीय / अशासकीय व्यक्तियों से परिचय होता है और उनका पंजीकरण संबंधित कार्य भी आसानी से होते है । राज्य आनंद संस्थान के उदेश्य खुशी, दया, करुणा, सहयोग, मदद्/ अल्पविराम करने के अवसर मिलते हैं,.तो वृद्ध, विकलांग, विधवा, परित्यक्ता, की सेवा / सहयोग/ मार्गदर्शन करने का मौका मिलता है ।

बच्चों के साथ भी हंसने ,बोलने, खेलने के मौका बनते है और इन सभी लोगों का आत्मीय आशिर्वाद/आनंद/दुआ मिलने से सुखद अनुभूति होती है लोगों का आत्मीय आशिर्वाद/आनंद/दुआ मिलने से सुखद अनुभूति किसी भी मूल्य पर दुनिया की किसी दुकान में नहीं मिलेगी।…...राज्य आनंद संस्थान, म.प्र.शासन और जिला प्रशासन, आदिवासी विकास विभाग को मुझे अवसर प्रदान करने के लिये धन्यवाद ।

 


फोटो :-