वो घिसट रहा था,लोग तमाशबीन बने देखते रहे। गाड़ी बुलाकर भेजा तो कलेजा ठंडा हुआ।

प्रेषक का नाम :- विष्णु कुमार सिंगौर मंडल संयोजक/आनंदम सहयोगी मंडला
स्‍थल :- Mandla

जिला मुख्यालय से दूर के लोग कार्यालयीन समय से पहले ही जिला मुख्यालय पहुँच कर कार्यालय खुलने का इंतजार करते रहते। हैं।। आज मंडला जिले.के निवास विकासखंड अंतर्गत किसी गाँव का विकलाँग युउवक आया था। निवास ही जिला मुख्यालय से 70 किमी. के आस-पास है। उसी विकासखंड के किसी गाँव का युवक था।काम था भूमि सबंधी अभिलेख निकलवाना। जब हाथ-पैर के सहारे हाथों में चप्पल डालकर घिसटता हुआ कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहा था। राहों से निकलने वाले लोग तमाशबीन बने देखते रहे। क्या किसी के पास इतना समय नहीं रहता कि 10 मिनिट उसे वाहन में.छोड़ सकें। या फिर यूँ कहें कि मानव में मानवता नहीं बची है। कुछ लोग जिनके पास साधन नहीं थे वो बेचारे उस विकलाँग का मार्गदर्शन अवश्य ही किया था। और उसके कार्यों में सहयोग दिया। लेकिन.जो समर्थवान थे उन्होनें तमाशा अवश्य ही देखा होगा। काम होने के बाद उसे रोक कर जाने के विषय में पूछा कि कहाँ जाना है उसने कहा बस स्टैंड । तब आनंदम् दिव्याँग मोबाईल वैन सेवा के 07642-254105 नंबर पर काँल कर वैन बुलायी गयी और वेन के माध्यम से बस स्टैंड छोड़ा ।


फोटो :-