दूसरों की निस्वार्थ मदद करके आप भी देखें, मन में अद्भुत खुशी का अनुभव होगा

प्रेषक का नाम :- विजय मेवाड़ा आनंदम सहयोगी इंदौर
स्‍थल :- Indore
22 Apr, 2019

आनंदम कार्य के सिलसिले में आज दोपहर स्कीम नंबर 78 इंदौर के मुख्य मार्ग पर में खड़ा था मैंने देखा कि एक व्यक्ति जो चलने में असमर्थ था, अपने शरीर केचुओं की तरह रेंगता हुआ चल रहा था। आसपास के सब लोग अपने काम मे व्यस्त थे। मेरे अंतर्मन से आवाज आई मुझे इसकी मदद करनी चाहिए। मैै उस इंसान के पास पहुंचा और कहा भाई आप चल नही पा रहे हो, मैैं आपको सहारा दूँ क्या? उसने कहा भैया सामने से ऑटो स्टैंड से ऑटो बुलवा दीजिये में उससे चला जाऊंगा। मैन कहा कहाँ जाना है आपको- उसने कहा गौरी नगर,। मैने उसके लिए ऑटो बुलवाया लेकिन 3-4 ओटो वालों ने  यह साोचकर की यह आदमी कंगाल,और शराबी लगता है उसे ऑटो में नही बिठाया।

जब किसी ने उसे ऑटो में नही बिठाया और लोगों ने मुझे भी कहा कि आप अपने रास्ते जाओ यह तो चला जायेगा तो मेरे मन मे विचार आया यह बेचारा 4 कि.मी.इस तरह रेंगते हुए कैसे जाएगा,मैने मोटरसायकल खड़ी कर सहारा देते हुए उसे बैठाया और उसे गौरी नगर छोड़कर आया । मन को आत्मीय आनंद की अनुभूति हुई।




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