आपकी मदद, सहानुभूति से “”जुड़ेगा मानवता का नया रिश्‍ता”’

प्रेषक का नाम :- विष्णु कुमार सिंगौर मंडल , आनंदम् सहयोगी मंड़ला
स्‍थल :- Mandla
22 Nov, 2018

आपकी मदद ,सहानुभूति से “”जुड़ेगा मानवता का नया रिश्‍ता”’ । आनंदम् ( दुआओं का घर ) मंड़ला में जब सभी वर्ग के लोग आते हैं तो समाज से कटा/उपेक्षित/त्रस्कृत वर्ग के व्यक्ति कैसे आने से वंचित रहेंगें।  यह वर्ग है समाज से परेशान””विक्षिप्त””जनों का। आमतौर पर ये लोग बिना कपडे़/अर्धनग्न/फटे /या फिर एक तरह से धूल मिट्टी से सने हुये कपड़ो सडको या अन्‍य सार्वजनिक स्‍थानों पर मिल जाते हैं।  आनंदम् ( दुआओं का घर ) मंड़ला में आने के बाद पहली मुलाकात में इन्हें सुविधाजनक कपडे़ तो मिलते ही हैं, अपनत्व ,प्रेम से बातें करने पर इस वर्ग को दुख-सुख बाँटने का रास्ता भी मिल जाता है। शायद ,आनंदम् ( दुआओं का घर) मंड़ला में मिले अपनत्व के कारण जब इनके कपड़े ,जूते,मोजे फटते/गंदे होते हैं या फिर ठंड का अहसास होता हैं स्वयं आकर अपनी आवश्यकता बताने लगे हैं । जिनका कोई नहीं उनके लिए सहायक हो रहा आनंदम ( दुआओं का घर)। 


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