आत्मा की पुकार सुनकर होती है  सेवा

प्रेषक का नाम :- विष्णु कुमार सिंगौर , आनंदम् सहयोगी मंडला
स्‍थल :- Mandla
19 Nov, 2018

आत्मा की पुकार सुनकर,होती है “”विक्षिप्त’’की सेवा”” । दिनाकँ 12/11/2018 को प्रातः 9 बजे सुश्री सीता गोप श्री डी.के.दुबे समाज सेवी एवं आयोग मित्र (सौर्य दल पंजीकृत आनंद क्लब ) द्वारा आनंदम् ( दुआओं का घर) मंड़ला से सलवार सूट की आवश्यकता बताई। यह कपड़े एक विक्षिप्त महिला सुकीर्ति बाई के लिए चाहिए थे।  जब कपड़े विक्षिप्तों के लिए हो तो सुविधा जनक कपड़ो का चयन किया जाता है। जैसे कमर में कसने वाले “’नाड़े””की जगह “”इलास्टिक”’ का चयन किया जाता है। इस बार अवसर था,सुकीर्ति बाई की मदद करने का। जिसे जिला प्रशासन के निर्दैशानुसार जिला चिकित्सालय मंड़ला में भर्ती कराया गया था।

सुश्री सीता गोप एवं श्री डी.के.दुबे ने अस्पताल पहुंच कर, सुकीर्ति बाई के बाल कटवाकर, उसके पूरे शरीर की पानी से सफाई ( स्नान) स्वयं की। उसके उपरांत  सुकीर्ति बाई के लिये आनंदम ( दुआओं का घर ) से लाये हुये कपडें पहनाये। घर से रोटी,सब्जी बनाकर स्वयं के हाथों से भोजन भी कराया। स्वयं उपस्थित होकर डाक्टरों से उसकी समस्या से अवगत भी करया। जब इनके साथ उपस्थित शोर्यदल के सदस्य जाने लगे तो तब  सुकीर्ति बाई की आँखों में अश्रु थे।  जहाँ सुश्री सीता गोप, श्री डी.के.दुबे विक्षिप्त की सेवा से आनंदित थे,तो हमारे मन में भी यह भाव था। आनंदम् ( दुआओं का घर) मंडला से उसकी आवश्यकता पूरी हुई जिसको सबसे अधिक आवश्यक है।




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