उपयुक्त हाथों में पुस्तकें देने पर मिला आनंद

प्रेषक का नाम :- विष्णु कुमार सिंगौर , सहयोगी मंडला
स्‍थल :- Mandla
30 Oct, 2018

उपयुक्त हाथों में पुस्तकें देने पर मिला असीम आनंद।  आनंदम् ( दुआओं का घर) मंड़ला में व्यवस्था बनी थी कि आनंदम् स्थल में आने पर जरूरत की सामग्री न मिले तो उस व्यक्ति की आवश्यकता को पूरा करने के लिए उनका पता, फोन न. लिखा जाता  है। वस्तु के विषय में आगंतुकों से चर्चा की जाती है और वस्तुऐंं आने पर संबधित को सौंपा जाता है। इसी व्यवस्था के अनुरूप लगभग छ:माह पूर्व श्री आर.पी.शुक्ला सेवा निवृत्त शिक्षक द्वारा दुआओं का घर मंड़ला मे अवगत कराया गया कि उनके पड़ोस कै दो विशेष पिछडी जनजाति के बच्चे कक्षा 11 वी,12 वीं….सी.वी.एस.सी. फिजिक्स, कैमेस्ट्री, मेथ्स बिना पुस्तकों को पढ़ रहें हैं।

दिनाँक 25/10/2018 को उपरोक्त पुस्तकें श्री शुक्ला जी को बुला कर दिया तो ,उनके आखों में आंसू थे, उन्होंने कहा इतनी पुरानी बात कौन याद रखता है और वह भी बुला कर देते हैं । सर आपको धन्यवाद। ऐसे लोग आजकल कहाँ मिलते है। वह सामग्री मिलने  से खुश थे। परन्तु मैं स्वयं इस बात से आनंदित था कि आनंदम् में पहुंची पुस्तकों को उन्हें मिली ,जिन्हें पुस्तकों की आवश्यकता थी। ह्रदय में आनंद मिला कि स्वयं के द्वारा आज सही काम हुआ, किसी की मदद् हुई।