बच्चों की मुस्कान बनी लोगों की प्रेरणा

प्रेषक का नाम :- विष्णु कुमार सिंगौर , आनंदम् सहयोगी मंड़ला
स्‍थल :- Mandla
22 Oct, 2018

बच्चों की मुस्कान बनी लोगों की प्रेरणा यूं तो “दुआओं का घर””मंड़ला में महिला, पुरुष,वृद्ध, विकलाँगों की आवश्यकताओं की सामग्री छोड़ते है और जिन्हें जरूरत होती है सामग्री लेने के साथ-साथ शासन की इस पहल के लिए आशीष/शुभाषीश/दुआऐं देकर भी जाते हैं।

दुआओं का घर पर स्‍थानीय नागरिक समय-समय पर अपनी आवश्यकता से अधिक उपयोगी  सामग्रियां छोड़ रहें है।  इससे छोटे-छोटे बच्चे भी “दुआओं का घर”मंड़ला में आकर कपड़ों के अतिरिक्त अन्य आवश्यक सामग्री पाकर आनंदित हो रहे है और खुशियों से भरे चेहरे शहर के व्यक्तियों को सामग्री छोड़ने के ि‍लिए अपनी ओर खींच लाती है।

कभी-कभी तो सात दिनों से लेकर दो माह तक के मासूमों को लेकर माताऐं /बहनें “दुआओं का घर” आती है तो उनकी मासूमियत के कारण ही उन बच्‍चोंं के लिए  छोटेछोटे कपड़े ,ठंड से बचने के लिये गर्म स्वेटर,टोप,खिलौनै, मच्छर दानी,गदली निकाल-निकाल कर देने में खुशी होती है। कभी-कभी तो जिला चिकित्सालय से भी जच्चा-बच्चा दोनो की आवश्यकता की पूर्ति “”दुआओं का घर मंड़ला”” से होती है। बच्‍चोंं की यही  मासूमियत लोगों को “दुआओं का घर” सेे जोडने के साथ ही आनंदित करता है…....उसी आनंदित भाव से शासन की पहल,/राज्य आनंद संस्थान भोपाल/जिला प्रसाशन मंड़ला और सहयोगियों को ह्रदय से दुआऐं देकर जाते है……


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