घर से निकाली गई वृद्ध महिला की 18 माह तक सेवा की और उनके बच्चों को माता की सेवा हेतु प्रेरित कर पुनः उनके घर पहुंचाया।

प्रेषक का नाम :- आनंदम सहयोगी श्री विजय मेवाड़ा , श्री अरविन्द शर्मा समन्वयक
स्‍थल :- Indore
25 Sep, 2018

 आनंद क्‍लब इंदौर के सहयोग से संचालित श्रीराम निराश्रित आनंदम आश्रय ग़ह में विगत 18  माह में रहने के बाद मिला पुनः घर और परिवार का साथ। जी हाँ हम बात कर रहे है तुलसी अम्मा सिकरवार कि जो 70 वर्ष की है और पिछले 18 माह से अपने आश्रम में  सम्मान सेे रह रही थी। तुलसी अम्मा पति की मृत्यु के बाद परिवार द्वारा पीड़ित होने के कारण घर छोड़ कर आश्रम में रहने लगी, पर उन्‍हेंं रह रह कर अपने  बच्चो को याद करती रहती थी। आश्रम के आनंदक यश पराशर "रक्तमित्र" और संदीप शर्मा ,ने उनके उज्जैन निवासी तीनों पुत्रों  से संपर्क किया और आश्रम की परामर्श टीम ने उनके पुत्रों को समझाया। सतत प्रयास करने से बेटे अशोक सिकरवार को गलती का अहसास हुआ और आगे से कभी परेशान नही करने का आस्वासन दिया। 

जब अम्मा का बेटा उन्हें लेने आश्रम आया तब तुलसी अम्मा उनसे लिपट कर रोने लगी। आश्रम परिवार के सभी बुजुर्ग इस दृश्य देख कर भाव विभोर होकर रोने लगे। अम्मा आश्रम से जा रही थी तब कहने लगी कि मेरा एक परिवार यहा छोड़ कर जा रही हु। सभी की आखों से आँसू झलक उठे,सब से गले मिलकर प्रणाम किया और मिलने आती रहूंगी ऐसा कह कर तुलसी अम्मा ने घर प्रस्थान किया।

जब कोई बिछड़ा अपनो से मिलता है तो उसकी खुशी को शब्दो मे बयां नही कर सकते। बस मन में बड़ी तसल्ली मिलती है, अम्मा के जाने का गम सबको है पर उन्हें अपना परिवार मिला उसकी बहुत खुशी है। आज के इस तीज पर्व पर भगवान किसी को अपने परिवार से अलग न होने दे यही प्रार्थना है। “यदि आपको भी कही भी कोई बेसहारा निराश्रित बुज़ुर्ग या बेघर परेशान बुज़ुर्ग मिले तो हमसे सम्पर्क करे हम उन्हें अपने साथ रखेंगे"


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