जो ट्रायसाइकिल से चलता है वह “”आनंदम”” में पहुचाँया सामग्री

प्रेषक का नाम :- विष्णु कुमार सिंगौर मंड़ल संयोजक जनजातिय कार्य विभाग /आनंदम सहयोगी मंड़ला
स्‍थल :- Mandla
25 Aug, 2018

जो ट्रायसाइकिल से चलता है वह “”आनंदम”” में पहुचाँया सामग्री विकलाँग नीरज रावत जो दोनो पैरों से लाचार होने के कारण “”ट्रायसाइकिल”’ से चलता है और आनंदम् ( दुआओं का घर) आता रहता है। विगत दिन शहर घूमते समय ऐसे व्यक्ति से सम्पर्क हुआ जो आनंदम स्थल ( दुआओं का घर) में कपड़े छोड़ना चाहता था। लेकिन किसी कारण से आनंदम् नहीं आ सकता। तब विकलाँग नीरज रावत स्वंय ट्रायसाइकिल में कपड़ों से भरी बोरी लादकर आनंदम ( दुआओं का घर) में सामग्री छोड़ने आया। विकलाँग नीरज ने कहा कि दुआओं का घर और दूसरों की मदद करने का अलग “”आनंद”’ है म.प्र.शासन की इस अभिनव पहल के लिये धन्यवाद्।


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