• आनंद शिविर प्रशिक्षण तथा अल्पविराम कार्यक्रम के रजिस्ट्रेशन की जानकारी के लिए क्लिक करें          • आनंद प्रोजेक्ट एवं फ़ेलोशिप के लिए आवेदन आमंत्रित है

अल्पविराम :-कर्मचारियों ने दी प्रतिक्रिया 7 सत्रों के अल्पविराम द्वारा मन मे हुआ सकारात्मक ऊर्जा का संचार ओर आपसी मित्रता भी प्रगाढ़ हुई

प्रेषक का नाम :- मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत इंदौर एवम विजय मेवाड़ा आनंदम सहयोगी ,अरविंद शर्मा समन्वयक
स्‍थल :- Indore
13 Nov, 2017

कलेक्ट्रेट कार्यालय राजस्व विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों का अल्पविराम कार्यक्रम का एक समूह में 7सत्र का अल्पविराम कार्यक्रम दि 11-10-17 से प्रारंभ होकर 13-10-17तक एक समूह का प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ जिसमें आनंद विभाग का परिचय ,हैप्पीनेस इंडेक्स, राज्य आनंद संस्थान द्वारा संचालित प्रोग्राम तथा सभी लोगो का परिचय प्राप्त किया जिसमें एक व्यक्ति से कहा गया कि आप आपके बगल में खड़े सहकर्मी का परिचय देते हुए उनकी विशेषताएं बताएं। डॉ दीपक कौशिक ने प्रतिक्रिया दी कि सामान्यतया हम लोग एक दूसरे की बुराई करते है आज हमें एक दूसरे की प्रशंसा करने का अवसर मिला जिससे हमारी एक दूसरे के प्रति मनमुटाव भी कम हुआ है।2017-कलेक्ट्रेट कार्यालय राजस्व विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों का अल्पविराम कार्यक्रम का पहला सत्र 2-3बजे तक सम्पन्न हुआ जिसमें आनंद विभाग का परिचय ,हैप्पीनेस इंडेक्स, राज्य आनंद संस्थान द्वारा संचालित प्रोग्राम तथा सभी लोगो का परिचय प्राप्त किया जिसमें एक व्यक्ति से कहा गया कि आप आपके बगल में खड़े सहकर्मी का परिचय देते हुए उनकी विशेषताएं बताएं। डॉ दीपक कौशिक ने प्रतिक्रिया दी कि सामान्यतया हम लोग एक दूसरे की बुराई करते है आज हमें एक दूसरे की प्रशंसा करने का अवसर मिला जिससे हमारी एक दूसरे के प्रति मनमुटाव भी कम हुआ है।2017-कलेक्ट्रेट कार्यालय राजस्व विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों का अल्पविराम कार्यक्रम का दूसरा सत्र -3-4बजे तक सम्पन्न हुआ जिसमें लाइफ सेटिस्फैक्शन स्केल के माध्यम से आनंदम सहयोगियों द्वारा सभी प्रतिभागियों के हैप्पीनेस स्तर बताया गया। गुब्बारे फ़िल्म का प्रदर्शन कर अल्पविराम में प्रश्न दिया गया आपके घर परिवार के किन किन सदस्यों से आपके संबंध मधुर है उन्हें सूचीबद्ध कीजिये तथा किन किन से आपके संबंध ठीक नही है उनके नाम और संबंधों की दरार का कारण लिखिए। सभी की एक ही समस्या थी कि वे अन्य लोगो को अपनी इच्छानुसार बदलने का प्रयास कर रहे थे ।आनंदम सहयोगी विजय मेवाड़ा, एवम श्री प्रफुल्ल शर्मा ने बताया कि दुनिया को बदलना बहुत कठिन कार्य है।आप चाहे की करेले को आम जैसा मीठा बना दे तो ये कठिन कार्य होगा।सबसे पहले हमें अपने अंदर परिवर्तन लाना होगा।आनंदम अल्पविराम के तृतीय सत्र में सभी प्रतिभागियों को अंतरात्मा की आवाज को सुनने का शशक्त माध्यम बताते हुए उदाहरणों द्वारा स्पष्ट किया। दूसरो की मदद फ़िल्म को प्रदर्शित कर अल्पविराम लिया।इसके बाद आनंदम सहयोगियों ने पर्सनल स्टोरी शेयरिंग की तथा प्रतिभागियों को भी अपने जीवन से जुड़ी घटना को साझा करने का अवसर दिया अधिकतर लोगों ने अपने जीवन की घटना को साझा किया। जिससे अल्पविराम हेतु अच्छा माहौल बना प्रश्न दिया आपके जीवन मे घाटी घटना से आपके जीवन पर क्या परिवर्तन आया अल्पविराम के 7 वें ओर आखरी सत्र में सभी लोगो ने प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि हम लोग हमेशा दूसरों से बाते करते रहते है पर स्वयं से बात करने का समय हमारे पास नही होता अल्पविराम स्वयं से बात करना है अपनी आत्मा की बात सुनने है।सुश्री डाली लश्करी ने बताया कि इन 3-4 दिनों में मेरे अंदर काफी बदलाव और मे जो दुनिया मे बुराई देखती थी वास्तव में कुछ बुराइयां मेरे अंदर भी थी जिन्हें पहचान और सुधार करने का प्रयास भी कर रही हूं।प्रतिदिन अल्पविराम ले अपने मन मे आ रहे विचारों को लिखे पर ज्ञात हुआ कि पहले जो बुरे विचार आते थे वे अब अच्छे विचारों की ओर परिवर्तित हो रहे हैं।आनंदम सहयोगियों ने खुश रहने का तरीका एक प्रेरक वीडियो के माध्यम से बताने का प्रयास किया।सभी प्रतिभागियो नेअल्पविराम को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने हेतु आश्वस्त किया।जय आनंदम के उद्घोष के साथ सात सत्रों का अल्पविराम कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।


फोटो :-