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बड़ामलहरा। बीपीएल सूची से वंचित नही रहेगा एक भी पात्र परिवार

प्रेषक का नाम :- लखन लाल असाटी छतरपुर
स्‍थल :- Chhatarpur
31 May, 2017

*अब एक भी पात्र परिवार बीपीएल सूची से नहीं छूटेगा* बड़ामलहरा में आनंदम सहयोगी लखन लाल असाटी के आग्रह पर आत्मा की आवाज सुनकर राजस्व अधिकारियों ने कहा कि गरीबी रेखा सूची से अब एक भी पात्र परिवार वंचित नहीं रह पायेगा।  बीआरजीएफ सभाकक्ष में एसडीएम दिव्या अवस्थी, तहसीलदार आरआर चढ़ार,प्रभारी तहसीलदार त्रिलोक सिंह पुसाम नायब तहसीलदार सपना तिवारी, आरआई सावंत सिंह, हनुमान सिंह, धर्म सिंह, रामप्रसाद अहिरवार सहित पटवारियों ने 20 मिनिट मौन रहकर अंतर् आत्मा से कुछ सवालों के जवाब मांगे थे।उसके बाद अपना  अतीत बताते हुए  ज्यादातर लोगों ने कहा कि उनका बचपन गरीबी में बीता है,  उस समय यदि किसी ने उनकी मदद न की होती तो उन्हें  आज यह मुकाम न मिलता। आनंदम सहयोगी लखन लाल असाटी ने कहा की जिस तरह जरूरत के वक्त उनकी मदद हुईं है,क्या उसी तरह वह अन्य जरूरतमंदों की मदद करने की सोचते हैं। *कोटवार को अपने हाथ से बनाकर खिलाया एक माह तक खाना* एसडीएम दिव्या अवस्थी ने बताया कि 2013 में वह गुना जिले में पदस्थ थीं, उनके बंगले में ड्यूटी करने वाले दिव्यांग कोटवार को उन्होंने अपने हाथ से बनाकर एक माह तक खाना खिलाया था। ट्रांसफर होने के पर कोटवार रोते हुए बोला कि ऐसी गुड़िया मैंने जिंदगी में नहीं देखी।उसके ये शब्द आज भी उनके कानों में गूंजते है। सपना तिवारी ने कहा कि पीएससी परीक्षा के ठीक 10 दिन पहले उनकी माता का निधन हो गया था, पिता हृदयरोगी थे, जिस कारण उन्होंने परीक्षा छोड़ दी। परिवार के लिए यह त्याग काम आया और अगली PSC परीक्षा जिसका रिजल्ट भी पहले आया उसमें उन्हें यह मुकाम मिल गया। घुवारा तहसीलदार त्रिलोक सिंह पुसाम ने टेबिल वर्क पेंडिंग ना छोडऩे,आर आई हनुमान सिंह मरकाम , सावंत सिंह, धरम सिंह ने शासकीय दायित्वों को बाखूबी निभाने की बात बताई । हरिदास अहिरवार ने बताया कि हाइस्कूल की फीस उनकी मौसी न भरती तो वह आज यहां न होते, अब वह अपनी *आमदनी का दस फीसदी हिस्सा गरीबो के हितार्थ खर्च करते हैं।*पटवारी पंकज बाजपेयी व श्याम लाल अहिरवार ने पिता के सपने को सच करने व सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करते रहने को अपने जीवन का लक्ष्य बताया। पटवारी शंकर उचाडीया, महेंद्र पाण्डेय, अभिषेक गोस्वामी, बृजलाल चतुर्वेदी, गणेश सिंह , होशियार सिंह ने अपने अपने संस्मरणो  में बचपन में गरीबी में बीते दिन और  वर्तमान परिवेश में कार्य के प्रति जवाबदेह होने के बारे में बताया। जनपद सीईओ सिकंदर खान ने 99 रुपये प्रतिमाह में मण्डी नाकेदार से नोकरी शुरू करने की बात बताई। एस डी एम दिव्या अवस्थी ने पैसों के अभाव में शिक्षा दीक्षा तथा पारिवारिक व सामाजिक दबाव के बीच माँ द्वारा नोकरी करने को प्रोत्साहित करने पर माँ को आदर्श बताया । अंत में कभी अलविदा ना कहना गीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ ।


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