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भोपाल आनंदक सम्मेलन का आयोजन 26 जून 2019 को सम्पन्न

प्रेषक का नाम :- शैलेन्द्र सिंह डाबी, प्रधान वैज्ञानिक एवं आनंद सहयोगी एवं सतीश एस, नोडल अधिकारी एवं ए.डी.एम भोपाल
स्‍थल :- Bhopal
22 Jul, 2019

 मध्यप्रदेश देशभर में अध्यात्म विभाग के अंतर्गत राज्य आनंद संस्थान की पहल करने वाला एक मात्र प्रदेश है ! इतना ही नहीं बल्कि प्रदेश में राज्य आनंद संस्थान के द्वारा प्रदेश के लोगो के आनंद स्तर को बढ़ाने और मापने के लिए संचालित की जा रही अनेक गतिविधिया भी अपने आप में अनूठी पहल के अनुरूप नव नवाचार स्वरूप ही है ! इस प्रकार की एक नव पहल प्रदेश के राज्य आनंद संस्थान ने जून माह में पुरे प्रदेश के सभी जिलों में पंजीकृत आनन्दको के लिए जिला स्तरीय आनंद सम्मेलनों का आयोजन किया गया ! इसी कडी में प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी जिला प्रशासन एवं जिला आनंदक सहयोगियों द्वारा राज्य आनंद संस्थान के सहयोग से एक दिवसीय जिला स्तरीय भोपाल आनंदक सम्मेलन, समन्वय भवन न्यू मार्केट भोपाल में 26 जून 2019 बुधवार को आयोजन किया गया !

राज्य आनंद संस्थान प्रदेश में आनंद के परिपेक्ष्य में कई कार्यक्रमों एवं गतिविधियों को संचालित कर रही है, जिसमे से प्रमुख गतिविधियों में अल्प विराम कार्यक्रम, आनंद उत्सव, आनंद क्लब, आनंदम स्थल, आनंद सभा, आनंद शिविर, आनंद ग्राम, आनंद प्रो‍जेक्‍ट एवं फैलोशिप एवं आनंद के विषय पर कार्यशाला एवं व्‍याख्‍यान इत्यादि प्रमुख है ! इन गतिविधि एवं कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में नागरिको को आनंद की अनुभूति तथा अपने आंतरिक व बाह्य आनंद को समझ कर स्वयं एवं दुसरो को आनंदित रखने की जीवनशैली जीने के लिए नागरिको को प्रेरित करना और प्रदेश को खुशहाल एवं आनंदित रखने का प्रयास करना है ! राज्य आनंद संस्थान ने स्वैच्छिक आधार पर बगैर किसी लाभ की प्रत्याशा में कार्य करने वाले व्यक्तियों को आनंदक के रूप में पंजीकृत गया है ! वर्तमान में मध्यप्रदेश में लगभग पचास हजार से ज्यादा आनंदक पंजीकृत है और भोपाल में बारह सौ से अधिक आनंदक पंजीकृत है ! जिले के इन्ही बारह सौ पंजीकृत आनन्दको में से सक्रिय एवं सम्मेलन के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले प्रथम सौ आनन्दको को इस जिला आनंद सम्मेलन में प्रतिभागिता के लिए आमंन्त्रित किया गया ! भोपाल आनंदक सम्मेलन का शुभारम्भ राज्य आनंद संस्थान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अखिलेश अर्गल, निदेशक श्री इंद्रपाल सिंह, भोपाल जिले के नोडल अधिकारी एवं एडीएम श्री सतीश एस आईएएस, श्री शैलेन्द्र सिंह डाबी प्रधान वैज्ञानिक, श्री सत्यप्रकाश आर्य राज्य कार्यक्रम अधिकारी श्री मुकेश बिले, श्री विनोद धाकड़ एवं श्री संजय श्रीवास्तव के द्वारा दीपप्रवज्लित करके किया गया ! अतिथियों का परिचय एवं स्वागत मुकेश बिले एवं शैलेन्द्र सिंह डाबी द्वारा कराया गया! कार्यक्रम की रुपरेखा श्री सत्यप्रकाश आर्य द्वारा प्रस्तुत की गई ! राज्य आनंद संस्थान के निदेशक श्री इंद्रपाल सिंह ने प्रदेशभर में आयोजित किये जा रही आनंद संस्थान की गतिविधियों की प्रगति पर प्रतिभागियों को विस्तार से जानकारी प्रदान की गई !

सम्मेलन के विशेष अतिथि नोडल अधिकारी एवं ए.डी.एम भोपाल श्री सतीश एस सर ने अपने उद्बोधन में कहा की प्रदेश में एक अनूठी पहल के तहत भोपाल जिले में नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करते हुए हर्ष होता है ! वास्तव में हमारा देश विविधताओं से परिपूर्ण है और इस विविधताओंके साथ सामंजस्य रखकर कार्यकरने का जो आनंद है वो अद्भुत है कियोकि सामंजस्य रखने में मनुष्य को मनुष्य से प्रेम कर मनवीयतायुक्त जीवन जीने का आनंद प्रदान करता है ! ऐसा ही उदहारण उनके जीवन में भी उपलब्ध है ! उन्होंने आपने जीवन की स्टोरी शेयर करते हुए बताया की वो प्रशासनिक पद पर है और उनके सामने ऐसे कई अवसर आते है ! जहां मानवता के गुणों से समस्याओं के निदान में सहायता मिलती है ! उनके परिवार में ही इसका लाभ उनको हमेशा मिलता रहता है ! उन्होंने कहा की वो दक्षिण भारतीय है और उनकी पत्नी यही की है तो उनका और उनकी फॅमिली में भाषा को लेकर कई बार समस्याएं आ जाती है पर प्यार एक ऐसा गुण है जिसके आगे सारी परेशानियों का समाधान हो जाता है ! उनके कार्यालयीन बैठकों में भी भाषा की परेशानी आती है पर धीरे धीरे सब ठीक हो जाती है ! ऐसा ही कुछ परिवार के सदस्यों के साथ भी है पर उनके आपसी विश्वास और प्रेम से बहुत सारी परेशानियों का स्वतः ही निदान हो जाता है और जीवन में आनंद बना रहता है ! राज्य आनंद संस्थान की गतिविधियों को जिले में संचालित करने के लिए वो हमेशा रुची लेंगे और जिले को आनंद की दृस्टि से अच्छा बनाने का लगातार प्रयास रहेगा !

आनंद सम्मेलन के मुख्य अतिथि “श्री अखिलेश अर्गल जी”, मुख्य कार्यकारी संचालक, राज्य आनंद संस्थान के प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए कहा की भौतिक सुविधाओं से मिलने वाली ख़ुशी अल्पकालीन होती है ! आंतरिक ख़ुशी तभी मिलती है जब एक दूसरे की परवाह करे और एक दूसरे की निस्वार्थ मदद करे ! उन्होंने कहा की आज की भागती दौड़ती जिंदगी के तनाव को कम करने के लिए एक दूसरे की परवाह करे और एक दूसरे की निस्वार्थ मदद करे ! इससे एक अलग ही ढंग  की ख़ुशी और आनंद का अनुभव प्राप्त होगा जो अद्भुत और आनंददायक रहेगा ! राज्य आनंद संस्थान ऐसी कई गतिविधिया प्रदेश में शुरू करने पर कार्य कर रहा है जो निश्चित ही प्रदेश को खुशहाल एवं आनंदित रहने में सहायक होंगे ! जिला स्तरीय भोपाल आनंदक सम्मेलन में जिले के सक्रिय आनंदक सहयोगी मास्टर ट्रेनर एवं जिला सम्मेलन के समन्वयक श्री शैलेन्द्र सिंह डाबी, प्रधान वैज्ञानिक ने पावर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से राज्य आनंद संस्थान की समस्त गतिविधियों की विस्तार के जानकारी देते हुए इन गतिविधियों में जिले के आनंदक कैसे अपनी भागीदारी दे सकते है इस पर विस्तार से चर्चा की गई ! श्री डाबी जी ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करते हुए राज्य आनंद संस्थान के अल्पविराम कार्यक्रम का डेमोस्ट्रेशन देकर प्रतिभागियों को अपनी अंतरात्मा से जुड़ने और प्रतिदिन अपनी अंतरात्मा से कुछ समय बात करने को प्रेरित किया और इसमें कैसे गहनता प्राप्त करे ताकि खुद का जीवन और अपने आस-पास का और परिवार का जीवन आनंदतीत बना सके ! सुश्री अंजना श्रीवास्तव के ग्लासपोर्ट के माध्यम से अपने खुद के अंदर मौजूद अच्छाइया और बुराइया को देखने और बुराइयों को अल्पविराम के माध्यम से दूर करने के बारे में जानकारी प्रदान की गई ! श्री मुकेश बिले ने अपनी अंतरात्मा से प्रतिदिन बात करने और अल्पविराम करने से जीवन में आये सकारात्मक बदलाव को सभी प्रतिभागियों के साथ शेयर कर जीवन को सकारात्मक बनाने को प्रेरित किया ! श्री विनोद धाकड़ ने आनंद के रोचक और रोमांचित खेलो के माध्यम से प्रतिभागियों को आनंदित किया !

सुश्री चित्रा अरोरा में अपनी स्टोरी शेयर करते हुए मदद करने से प्राप्त होने वाले आनंद की अनुभूति को विस्तार से बताते हुए जीवन में एक दूजे की मदद हमेशा करते रहने को प्रेरित किया ! सोनम जैन ने प्रतिभागियों को ताली बजाना और अनोखी गिनती के रोमांचित खेलो को खिला कर आनंदित किया और जीवन में उत्साह और सकारात्मक सोच के महत्व को रेखांकित किया ! उन्होंने लाइफ बेलेंस शीट सभी प्रतिभागियों से बनवाई और इसके महत्व और बैलेंस को विस्तार से बताया गया ! सुश्री वर्णा श्रीवास्तव ने अल्पविराम से अपने जीवन में रिस्तो के संबंध में आये सकारात्मक बदलाव की अपनी स्टोरी सभी प्रतिभागियों से साझा की गई ! श्री संजय श्रीवास्तव ने महाभारत के रोचक संवादों से सभी प्रतिभागियों को गुदगुदाते हुए जीवन में हसने और खुश रहने के महत्व को रेखांकित किया !

श्री शैलेन्द्र सिंह डाबी, श्री मुकेश बिले एवं श्री विनोद धाकड़ ने प्रतिभागियों से भोपाल जिले में आनंद की गतिविधियों के विस्तार में आनंदक कैसे सहायक हो इस विषय पर चर्चा कर प्रतिभागियों की टीम बनाकर गतिविधियों की कार्ययोजनाएं बनवाई गई ! सभी टीमों के द्वारा बनाई गई कार्ययोजना का प्रस्तुतिकरण टीम द्वारा किया गया ! प्रतिभागियों ने राज्य आनंद की गतिविधितो का संचार और विस्तार जिले में करने को कई महत्वपूर्ण सुझाव देकर और निरंत्तर सहयोग देने कहा गया !


फोटो :-

         

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