हमारी भारतीय संस्कृति में कई उत्सव और पर्व आनंद और ख़ुशी का संचार करने से ही संबंधित है, ऐसा ही “श्री गणेश उत्सव” भी है !

प्रेषक का नाम :- (राजीव पाहवा,प्रेरक आनंदक बरखा कुरील एवं, शैलेन्द्र सिंह डाबी
स्‍थल :- Ujjain

सत्यता, पवित्रता और बुद्धि के दायक श्री गणेश जी हमारे भारतीयों के लिए सबसे बड़े आनंद और ख़ुशी प्रदायक पूजिय देव है ! और सही भी है सभी के जीवन में सबसे ज्यादा आनंद तब ही फैलता है जब हम अपनी पवित्रता, सत्यता, समझता में रहते है ! और श्री गणेश जी तो इन सब गुणों के प्रदायक देव है ! हम जितना अधिक उनके पास रहे या उनको स्मरण/ दर्शन में रहे ये गुण हममे आपने आप प्रवेशित होते है ! इसी लिए तो हमारे देश में १४ दिवसीय श्री गणेश उत्सव को सभी बड़ी धूम धाम से मनाकर आनंदित होते है और आपने आस-पास खुशिया फैलते है, इसी गूढ़ सिद्धांत के अनुरूप उज्जैन जिले के “रूपांतरण आनंद क्लब” ने मिटटी के श्री गणेश जी को आपने हाथो से बनाकर आपने घरो में स्थापित कर इस १४ दिवसीय उत्सव से सभी और सत्यता, पवित्रता और बुद्धिता का प्रसार करने के उदेश्य से उज्जैन शहर में मिट्टी के गणेश – सीखो सिखाओ कार्यशाला की शृंखला का आयोजन किया ! विभिन्य स्कूलों संस्थानों और रूपांतरण के हॉल में निरंतर एक माह तक सफलता पूर्वक मिट्टी के गणेश – सीखो सिखाओ कार्यशाला से प्रतिभागियों को और खुद को आनंदित करते रहे ! दिनांक ०१ अगस्त २०१७ को “लोकमान्य तिलक शिक्षा महाविद्यालय उज्जैन” की कार्यशाला में प्रतिभागियों ने आपने हाथो से मिटटी के गणेश बनाकर अपार आनंद का अनुभव किया, इस कार्यशाला में सभी उम्र के प्रतिभागी शामिल हुए ! बच्चे मिटटी के श्री गणेश जी के निर्माण में बहुत उत्साहित रहे उन्होंने आपने अंतस मन से श्री गणेश जी के निर्माण का आनंद लेते हुए आपने में सत्यता और पवित्रता के राह पर चलने के लिए प्रेरित हुए और सही भी है असली आनंद इन मानवीय गुणों को अपनाने से ही जीवन में आता है ! दिनांक ५ अगस्त २०१७ को “वर्जिन मेरी स्कूल” में कार्यशाला का आयोजन स्कूली बच्चो के लिए किया गया, यहाँ बच्चो के जब आपने हाथो से श्री गणेश जी बनाये तो उनके चहरे पर आनंद की मुश्कान साफ झलक रही भी, उनकी आनंद मुश्कान से हम सभी रूपांतरण क्लब के सदस्य भी आनंद विभोर हुए ! दिनाक ६ से २० अगस्त २०१७ तक “रूपांतरण हॉल” में निरंतर मिटटी के गणेश निर्माण की कार्यशाला का आयोजन सफलता पूर्वक होता रहा ! सच कहे तो हम रूपान्तर क्लब के सदस्यों ने भारतीय संस्कृति के इस १४ दिवसीय श्री गणेश जी उत्स्व अद्भुत आनंद पर्व का आनंद लिया और हमारे शहर में आस- पास आनंद का संचार कर आनंदित हुए ! कार्यशाला का समन्वय "श्री राजीव पाहवा एवं बरखा कुरील " ने किया !


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