1. आनंद क्‍लब की परिकल्‍पना

  1. परिपूर्ण एवं आनंदमयी जीवन जीने के लिए विगत दशकों से साईंस आफ हैप्‍पीनेस के क्षेत्र में बहुत प्रगति हुई है। भारतीय संस्‍कृति तथा दर्शन में भी आनंदमयी जीवन जीने के अनेक उपकरण उपलब्‍ध हैं। बहुत से व्‍यक्ति निजी स्‍तर पर ऐसी गतिविधियां संचालित करते हैं जिनसे समाज में सकारात्‍मकता तथा आनंद का प्रसार होता है। यह आवश्‍यक है कि ऐसे प्रयासों को एक संगठित रूप दिया जाए।
  2. यह सामान्य अनुभव है कि अकेले धनोपार्जन अथवा भौतिक प्रगति समाज की खुशहाली का सूचकांक नहीं है।
  3. हम जानते हैं कि किताबें पढ़कर दिया गया ज्ञान बहुत उथला होता है। इसलिए यह जरूरी है कि स्‍वयं सेवी (आनंदक) पहले यह कौशल खुद सीखें, उसे अपने जीवन में उतारे और फिर अपने अनुभवों को अन्‍य लोगों तक पहुंचाए तभी उनके द्वारा की गई गतिविधियां तथा प्रयास प्रभावी होंगे।
  4. यह सामान्य अनुभव है कि भले ही प्रसन्‍नचित रहना हम सभी की जरूरत है परन्‍तु इसके लिए क्‍या करना चाहिए इसकी स्‍पष्‍ट रूप से जानकारी नहीं होती। विपरीत परिस्थितियों में किस प्रकार संतुलित रहा जा सकता है तथा सामान्‍य अनुभव में बिना उपलब्धि अथवा सफलता के आनंद कैसे प्राप्‍त हो सकता है जानना सभी के लिए जरूरी है।
  5. यह मान्यता है कि स्वयं और परिवेश के प्रति जागरूकता बढ़ा कर हम प्रसन्न रह सकते हैं। इससे सामाजिक समरसता तथा खुशहाली संभव होगी।
  6. आनंदक क्‍लब की पहल इस विचार पर आधारित है कि ऐसे व्‍यक्ति/ आनंदक जो आनंदित रहना चाहते है पहले स्‍वयं आनंदमयी जीवन जीने का कौशल सीखे, उसका जीवन में अनुसरण करें एवं तत्पश्‍चात सामूहिक रूप से क्‍लब का गठन कर उसका अपने पड़ोस में प्रसार करें। '' आनंदमयी जीवन '' के दर्शन पर गहन विचार विमर्श / ज्ञान प्राप्‍त किए बिना सामान्‍य समझ एवं जागरूकता के आधार पर छोटे-छोटे कार्य कर एवं आदतें विकसित कर आनंदित रह सकते है। अगर आप ऐसा करने के इच्‍छुक हैं तो आप आनंद क्‍लब गठित करने की योग्‍यता रखते हैं।
  7. कृपया निम्‍न प्रश्‍नों पर विचार करें :-
    1. क्‍या स्‍वयं आनंदित रहना और उसका आसपास प्रसार करना चाहिए ?
    2. क्‍या आप ऐसी गतिविधियां करना चाहेंगे जिससे जीवन में आनंद का अनुभव हो सके ?
    3. क्‍या आप स्‍वेच्‍छा से ऐसा करने के लिए तैयार हैं ?
    अगर आपके तीनों उत्‍तर ‘’हॉ’’ में है तो आप राज्‍य आनंद संस्‍थान के साथ जुड़कर आनंद क्‍लब के गठन की पहल अवश्‍य करें।