आनंद सभा

स्कूल तथा कालेजों के विद्यार्थियों को सशक्त एवं परिपूर्ण जीवन जीना सिखाने के लिए उन्हें ऐसी गतिविधियों में सम्मिलित किया जाना चाहिए जो सकारात्मक जीवन शैली का आधार बन सकती है। पारंपरिक रूप से नैतिक मूल्य पाठ्यक्रमों का भाग अवश्य होते हैं तथा उनका मनोवृत्तियों पर सकारात्‍मक प्रभाव भी पड़ता है। आनंद विभाग का यह प्रयास है कि विद्यार्थियों को प्रशिक्षित स्वयंसेवकों के माध्यम से तथा शिक्षकों के सहयोग से अपनी आंतरिक क्षमता को विकसित करने का अवसर मिलना चाहिए। शैक्षणिक संस्थाओं में ऐसे मॉड्यूल उपलब्ध कराये जावेंगे जिनके माध्‍यम से व्यक्तिगत तथा सामूहिक स्तर पर ऐसे कार्य तथा क्रियाओं में भाग लेंगे जो उनके जीवन में संतुलन बनाने में सहायक होंगे। स्वजागरूकता, पारस्‍परिक सहयोग, सहानुभूति, प्रभावशाली संवाद, निर्णय क्षमता, कठिनाई का सामना, सृजनात्मकता, समीक्षात्मकता, भावना को समझना, तनाव रहित जीवन जैसे विषयों की मौलिक समझ विकसित करना आवश्‍यक है।

वर्तमान में यह कार्यक्रम स्‍कूल विद्यार्थियों के लिए चलाया जा रहा है। ऐसे व्‍यक्ति जो स्‍कूल शिक्षा, व्‍यवहारिक विज्ञान, पॉजीटिव मनोविज्ञान तथा अन्‍य क्षेत्र में विशेषज्ञता रखते हैं, आनंद सभा माड्यूल निर्माण में भागीदारी कर सकते हैं।